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विज्ञान विषय को रोचक बनाने के साथ ही अत्याधुनिक विज्ञान उपकरणों का गुर सीख केवी के शिक्षणगण
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विज्ञान प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण को लेकर केंद्रीय विद्यालय भारतीय पेट्रोलियम संस्थान में शिक्षकों के लिए दो दिवसीय संभागीय कार्यशाला का शुभारंभ सहायक संभागीय आयुक्त डॉ. माला तिवारी ने किया।
इस मौके पर कहा कि केंद्रीय विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट हैं, जो गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए केवल देश ही नहीं, अपितु विदेशों में भी अलग ही पहचान रखते हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन समय-समय पर गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्रयत्नशील रहता है। इसी क्रम में विद्यार्थियों के बीच विज्ञान विषय को रोचक एवं सुगम बनाने के लिए आधुनिक विज्ञान उपकरणों के प्रयोग करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यालय प्राचार्य एवं कार्यशाला निदेशक मिक्की खुल्बे ने कहा कि आज का समय आधुनिकीकरण का युग है। हर क्षेत्र में हम आधुनिकीकरण को अपना रहे हैं।
विज्ञान शिक्षण में भी हमें आधुनिकता एवं तकनीकी का समावेश करना है। दो दिवसीय देहरादून संभाग के छह संकुलों के 34 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षित शिक्षक अपने संकुलों में माह अगस्त में अन्य विज्ञान शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। मास्टर ट्रेनर के रूप में केंद्रीय विद्यालय रुड़की के एसएस रावत, आशीष सोढ़ी, केंद्रीय विद्यालय ऋषिकेश, डॉ. मम्शाद अहमद, केंद्रीय विद्यालय गौचर एवं स्वाति पोखरियाल केंद्रीय विद्यालय आइटीबीपी देहरादून ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया।
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इस मौके पर कहा कि केंद्रीय विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट हैं, जो गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए केवल देश ही नहीं, अपितु विदेशों में भी अलग ही पहचान रखते हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन समय-समय पर गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्रयत्नशील रहता है। इसी क्रम में विद्यार्थियों के बीच विज्ञान विषय को रोचक एवं सुगम बनाने के लिए आधुनिक विज्ञान उपकरणों के प्रयोग करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यालय प्राचार्य एवं कार्यशाला निदेशक मिक्की खुल्बे ने कहा कि आज का समय आधुनिकीकरण का युग है। हर क्षेत्र में हम आधुनिकीकरण को अपना रहे हैं।
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विज्ञान शिक्षण में भी हमें आधुनिकता एवं तकनीकी का समावेश करना है। दो दिवसीय देहरादून संभाग के छह संकुलों के 34 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षित शिक्षक अपने संकुलों में माह अगस्त में अन्य विज्ञान शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। मास्टर ट्रेनर के रूप में केंद्रीय विद्यालय रुड़की के एसएस रावत, आशीष सोढ़ी, केंद्रीय विद्यालय ऋषिकेश, डॉ. मम्शाद अहमद, केंद्रीय विद्यालय गौचर एवं स्वाति पोखरियाल केंद्रीय विद्यालय आइटीबीपी देहरादून ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया।
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