फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   teachers give e education to childrens in haridwar

प्राईवेट स्कूलों को टक्कर दे रहा सरकारी स्कूल, लंदन यूनिवर्सिटी भी कर चुकी सम्मानित

Mon, 08 May 2017 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 08 May 2017 12:58 AM IST
विज्ञापन
teachers give e education to childrens in haridwar
student - फोटो : amarujala

एक सरकारी स्कूल ई शिक्षा के मामले में निजी स्कूलों को चुनौती दे रहा है। संसाधनों और छात्र संख्या के अभाव में जब शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूल बंदी की कगार पर हैं, तब भौगोलिक रूप से दुर्गम श्यामपुर के टाटवाला गांव का राजकीय प्राइमरी स्कूल उम्मीद के सूरज से कम नहीं है। 

विज्ञापन


शिक्षकों ने यह साबित कर दिखाया कि नामुमकिन कुछ भी नहीं है। स्कूल के इस प्रोजेक्ट को विद्यालय बने आनंदालय नाम दिया गया। जिसकी शुरूआत वर्ष 2010 में स्कूल के सहायक अध्यापक डा. शिवा अग्रवाल ने खुद के खर्च से एक लैपटॉप और एक कैमरा प्रोजेक्टर से की थी, जो अब ई हब के रूप बड़ा आकार ले चुका है। 
विज्ञापन


विद्यालय में संसाधनों की कमी नहीं है। पूरे गांव के बच्चों को सामान्य शिक्षा ही नहीं कंप्यूटर साक्षर बनाने की मुहिम छेड़ी गई है। गांव के बच्चे ई हब में कंप्यूटर कोर्स ही नहीं करते बल्कि कविता, प्रेरणादायक कहानी व फिल्म के जरिये उनका ज्ञानवर्द्धन किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

लंदन की यूनिवर्सिटी से मिला है पुरस्कार     

teachers give e education to childrens in haridwar
demo pic - फोटो : demo

निजी कंपनी एजी उद्योग की सीएसआर के तहत मदद से एक कंप्यूटर शिक्षक अलग से नियुक्त किया गया है। पहली से कक्षा पांच तक का हर बच्चा ई क्लास अटेंड करता है। अभी तक 150 से ज्यादा बच्चे कंप्यूटर शिक्षा ले चुके हैं।       

बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए डा. शिवा अग्रवाल खुद बालिकाओं की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। विभाग या सरकार से संसाधन न मिलने का रोना रोने वाले अन्य सरकारी स्कूलों के लिए भी टाटवाला का स्कूल एक नजीर है। प्रोजेक्ट के प्रभारी के तौर पर डा. शिवा अग्रवाल बताते हैं कि ऊर्जावान स्टाफ के साथ मिलकर गांव के लिए कुछ अच्छा कर सकूं, यही प्रयास है।      
 
विद्यालय बने आनंदालय प्रोजेक्ट को लंदन की रोहम्पटन यूनिवर्सिटी से पुरस्कार मिल चुका है। यूनिवर्सिटी ने नई दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित कर सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा बदलने में सशक्त प्रयास के लिए पुरस्कार से नवाजा था। स्कूल का भवन, सुविधाएं, यूनिफार्म, शैक्षिक स्तर किसी प्राइवेट व कान्वेंट स्कूल से कमतर नहीं है।       
    
समर कैंप में कराए जाते हैं कोर्स      
निजी व कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को कंप्यूटर के विशेष कोर्स कराए जाते हैं। सरकारी स्कूल के बावजूद अपने बच्चों को निजी व प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलने पर ग्रामीण भी गदगद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब स्कूल के शिक्षकों की लगन और कर्मठता का परिणाम है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed