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जल्द खत्म होगा शिक्षकों का ‘वनवास’
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 04 Oct 2014 10:59 AM IST
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उत्तराखंड के दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों में वर्षों से तैनात सैकड़ों शिक्षकों का वनवास खत्म होने वाला है। दरअसल, हाल ही में चयनित 2794 नए शिक्षकों को दुर्गम स्कूलों में तैनाती दी जानी है।
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ऐसे में पहले से इन स्कूलों में तैनात शिक्षकों को सुगम में स्थानांतरित करने की कवायद शुरू हो गई है। विभाग ने संबंधित शिक्षकों की सूची मांगी है। एक सप्ताह में सूची तैयार की जानी है, जिसके बाद शिक्षकों को सुगम स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा।
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ऐसे में शिक्षकों का यह तबादला इन स्कूलों में खासा फायदेमंद हो सकता है। शिक्षा निदेशक बेसिक आरके कुंवर ने बताया कि इस संबंध में शासनादेश जारी किया जा चुका है।
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वरिष्ठता के आधार पर होगा तबादला
निदेशक ने बताया कि शिक्षकों का तबादला वरिष्ठता के आधार पर किया जाएगा। जो सूची बन रही है, उसमें यह ख्याल रखा जाएगा कि कौन शिक्षक कितने वर्षों से दुर्गम, अति दुर्गम स्कूल में तैनात है। जिसके वर्ष जितने अधिक होंगे, उसे इसी क्रम में सुगम स्कूल में भेजा जाएगा।
नियमावली में कर रहे बदलाव
शिक्षा निदेशक ने बताया कि नियमावली में अब तक यह प्रावधान था कि पर्वतीय क्षेत्र से मैदानी क्षेत्र में 15 फीसदी और मैदानी से पहाड़ी क्षेत्रों में 10 फीसदी शिक्षकों के अनिवार्य तबादले किए जाएंगे। लेकिन पहाड़ में कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां शिक्षकों के पद रिक्त नहीं हैं, जबकि चयनित 2794 शिक्षकों को भी इन क्षेत्रों में ही भेजा जाना है।
ऐसे में पद रिक्त करने के लिए पहले से तैनात शिक्षकों को स्थानांतरित करना जरूरी है। इसके लिए नियमावली में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं।