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मास्साब अंग्रेजी पढ़ाने को तैयार नहीं
अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Sun, 01 Sep 2013 01:38 AM IST
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शिक्षा विभाग की प्राइमरी से जूनियर तक के विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने की योजना को नगर क्षेत्र के शिक्षक पलीता लगा रहे हैं। विभाग ने शिक्षकों से अंग्रेजी पढ़ाने के बाबत जानकारी मांगी थी, मगर नगर क्षेत्र के 14 विद्यालयों में से एक ने भी अंग्रेजी पढ़ाने के लिए हामी नहीं भरी।
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उनके इस निर्णय से स्कूलों में मौजूद स्टाफ ने अपनी काबलियत पर खुद ही सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में इन विद्यालयों में नई नियुक्ति के बाद अंग्रेजी पढ़ाए जाने की बात कही जा रही है।
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राज्य के शहरी क्षेत्रों में पब्लिक स्कूलों की भरमार है। ऐसे में सरकारी विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई नहीं होने पर शहरवासी इनमें अपने नौनिहालों का दाखिला कराने से परहेज करते हैं। जिसके चलते इनमें लगातार छात्र संख्या कम हो रही है।
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लिहाजा विभाग द्वारा पब्लिक स्कूलों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की योजना बनाई गई। मगर नगर में इस योजना के लागू हो पाने के आसार कम ही लग रहे हैं।
उधर, नगर शिक्षाधिकारी इंद्रमणी बलोदी ने बताया कि विभागीय योजना के तहत शहर के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों से विभागीय माध्यम से अंग्रेजी पढ़ाने के बाबत शिक्षकों को प्रस्ताव भेजकर रजामंदी मांगी गई थी।
मगर 12 प्राथमिक और दो जूनियर हाईस्कूलों में से एक ने भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने के लिए हामी नहीं भरी। उन्होंने बताया कि बीएड प्रशिक्षितों की नई नियुक्तियां होने पर नई योजना को शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे।