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Uttarakhand: शिक्षा विभाग में अनिवार्य तबादलों से बचने के लिए शुरू हुआ खेल, हैरान करने वाला सच आया सामने

Wed, 26 Apr 2023 02:54 PM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 26 Apr 2023 02:54 PM IST
सार

शिक्षा निदेशक वंदना गर्ब्याल ने जारी आदेश में कहा कि तबादलों को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों के संबंध में ई पोर्टल पर अधूरी और गलत सूचना दर्ज किया जाना तबादला एक्ट का उल्लंघन है। प्रदेश में शिक्षकों और कर्मचारियों के पारदर्शी तबादलों के लिए तबादला एक्ट बना है, लेकिन मात्र 10 से 15 प्रतिशत तबादलों की बाध्यता के चलते तबादलों में खेल हो रहा है।

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Teacher News Uttarakhand Education Department Scam started to avoid compulsory transfers
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

शिक्षा विभाग में तबादलों की प्रक्रिया शुरू होते ही इससे बचने और चहेते शिक्षकों की मनचाही जगहों पर तैनाती का खेल भी शुरू हो गया है। यही वजह है कि तबादलों के लिए पात्र शिक्षकों की सूची तैयार करने से पहले विभाग के ई पोर्टल पर न सिर्फ मृतक और सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम सामने आ रहे हैं, बल्कि खाली पदों को भी छिपाया जा रहा है।

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शिक्षा निदेशक वंदना गर्ब्याल ने मंगलवार को जारी आदेश में कहा कि तबादलों को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों के संबंध में ई पोर्टल पर अधूरी और गलत सूचना दर्ज किया जाना तबादला एक्ट का उल्लंघन है। प्रदेश में शिक्षकों और कर्मचारियों के पारदर्शी तबादलों के लिए तबादला एक्ट बना है, लेकिन मात्र 10 से 15 प्रतिशत तबादलों की बाध्यता के चलते तबादलों में खेल हो रहा है।
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स्कूल प्रिंसिपलों के मुताबिक हर साल तबादलों से पहले पात्र शिक्षकों की सूची जारी की जाती है, इसके बावजूद तबादला सूची में कई बार सेवानिवृत्त और मृतक शिक्षकों के नाम शामिल होते हैं। तबादला सूची में मृतक और सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम आने से होता यह है कि 15 से 20 साल से सुगम स्कूलों में जमें कुछ शिक्षक अनिवार्य तबादलों से बच जाते हैं।

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खाली पदों की जानकारी नहीं दी जाती
यह सिलसिला कई साल से चल रहा है। इसके अलावा सुगम स्कूलों और कार्यालयों में खाली पदों को भी कई बार छिपाया जाता है। ऐसा कर इन जगहों पर उनके तबादले किए जाते हैं। जिनकी पहले से इन स्कूलों में तैनाती के लिए जगह खाली रखी जाती है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक विभाग को समय-समय पर स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों के खाली पदों की जानकारी दी जाती है, इसके बाद भी कुछ लोगों के लिए इन पदों को खाली रखा जाता है। शिक्षकों से तबादलों के लिए विकल्प लेते समय इन खाली पदों की उन्हें जानकारी नहीं दी जाती।

शिक्षा निदेशक ने अधिकारियों को दिए निर्देश

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक वंदना गर्ब्याल ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों को दिए निर्देश में कहा कि संज्ञान में आया है कुछ विकासखंड यूनिट से कर्मचारियों व शिक्षकों का ई पोर्टल में डाटा अधूरा व गलत अंकित किया गया है। यह तबादला एक्ट का उल्लंघन है। तबादला, पदोन्नति, एक्ट में प्रदत्त बीमारियों का राज्य मेडिकल बोर्ड से प्रमाण पत्र, मृत्यु, सेवानिवृत्ति, ठहराव का विवरण, मूल, पदनाम, विषय को ठीक करते हुए इसे 27 अप्रैल तक ऑनलाइन अपडेट करवा लिया जाए।

इसे अपडेट कराने के बाद इसका प्रमाण पत्र विभागीय मेल आईडी से इसी दिन शाम पांच बजे तक उपलब्ध कराया जाएगा। इसी के आधार पर तबादलों के लिए पात्रता सूची सक्षम अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें देरी और गलती के लिए संबंधित अधिकारी उत्तरदायी होगा।

ऐसे होता है खेल

प्रदेश के कुछ स्कूल प्रधानाचार्यों के मुताबिक यदि 100 में से 15 शिक्षकों के तबादले होने हैं, 15 में से दो मृतक और एक सेवानिवृत्त शिक्षक का तबादला सूची में नाम शामिल है तो इससे तीन शिक्षक अनिवार्य तबादले से बच जाते हैं।

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