फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   teacher job from fake certificate budget got for certificate investigation

नकली डिग्री, असली नौकरी : प्रमाणपत्रों का सत्यापन के लिए एसआईटी को पांच लाख का बजट स्वीकृत 

Wed, 27 Nov 2019 09:56 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 27 Nov 2019 09:56 AM IST
सार

  • 4.70 लाख रुपये से होगा शिक्षकों के तीन हजार प्रमाणपत्रों का सत्यापन
  • मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और यूपी की कई यूनिवर्सिटी ने सत्यापन के एवज में मांगी थी धनराशि
  • धन की कमी के चलते एसआईटी लंबे समय से नहीं करा पा रही थी सत्यापन

विज्ञापन
teacher job from fake certificate budget got for certificate investigation
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

शिक्षा विभाग में अमान्य डिग्री से नियुक्तियों के मामले में लंबे समय से अटके शिक्षकों के तीन हजार प्रमाणपत्रों के सत्यापन की राह अब आसान हो गई है। मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश की कई यूनिवर्सिटी के प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बदले धनराशि की मांग करने से एसआईटी इन प्रमाणपत्रों को आगे नहीं बढ़ा पा रही है। पुलिस मुख्यालय ने पांच लाख की धनराशि आवंटित की है, जिसमें से करीब चार लाख 70 हजार रुपये सत्यापन में खर्च होंगे। यह धनराशि जल्द एसआईटी (सीबीसीआईडी) को मिलने की उम्मीद है।

विज्ञापन

 
शिक्षा विभाग में नकली डिग्री से नौकरी पाने के खेल का भंडाफोड़ अमर उजाला ने किया था। अमर उजाला की मुहिम का संज्ञान लेकर शासन ने जांच कराने के आदेश दिए थे। अगस्त 2017 में सीबीसीआईडी की तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे की अगुवाई में एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी के प्रयास रंग लाए और शिक्षा विभाग में नियुक्तियों में फर्जीवाड़ा उजागर होता चला गया। 
विज्ञापन


एसआईटी की संस्तुति के बाद अमान्य डिग्री से नौकरी पाने वाले शिक्षकाें के खिलाफ एफआईआर और दूसरी विभागीय कार्रवाई भी हुई। इसी बीच चौबे के स्थानांतरित होने के बाद जांच पर ब्रेक सा लग गया। उसकी बड़ी वजह यह थी कि शिक्षकाें के प्रमाणपत्राें के सत्यापन को कई राज्यों की यूनिवर्सिटी ने बाकायदा पत्र भेजकर निर्धारित धनराशि की डिमांड की थी, जिसमें कहीं प्रति प्रमाणपत्र दो सौ रुपये तो कहीं तीन सौ से लेकर पांच सौ रुपये की मांग की गई। एसआईटी की अपर पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल ने धनराशि के लिए शासन और पुलिस मुख्यालय को अवगत कराया लेकिन धन उपलब्ध कराने में हीलाहवाली की जाती रही। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कई राज्याें की यूनिवर्सिटी से होना है सत्यापन

एएसपी सरिता डोभाल के बाद आईपीएस मणिकांत मिश्रा को एसआईटी का प्रभार मिला। उनके सामने भी संकट बजट का ही था। सूत्रों के मुताबिक शिक्षकाें के करीब तीन हजार प्रमाणपत्रों का सत्यापन कई राज्याें की यूनिवर्सिटी से होना है। सत्यापन के बाद ही साफ होना है कि वो प्रमाणपत्र मान्य हैं अथवा अमान्य। प्रमाणपत्रों के हिसाब से एसआईटी को चार लाख 70 हजार रुपये की दरकार है।
 
आईपीएस मणिकांत मिश्रा ने पुलिस के आला अफसरों से मिलकर सत्यापन प्रक्रिया को अतिरिक्त धन उपलब्ध कराने की मांग की थी। पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने गंभीरता दिखाते हुए प्रमाणपत्रों के सत्यापन को पांच लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया है। एसआईटी प्रभारी मिश्रा ने बताया कि धनराशि उपलब्ध होते ही प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।  

पांच और शिक्षकाें की डिग्री अमान्य 
एसआईटी की जांच में पांच और शिक्षकाें की डिग्री अमान्य पाई गई है। एसआईटी ने संबंधित अधिकारियों से कुछ बिंदुओं पर और रिपोर्ट मांगी है। इन शिक्षकों के खिलाफ जल्द ही एफआईआर की संस्तुति शिक्षा निदेशालय को भेजने की तैयारी है। बता दें कि अब तक 79 शिक्षकाें के शैक्षिक, जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र फर्जी पाए जा चुके हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed