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Dehradun News: श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में बीपालएम तकनीकी से टीबी का उपचार शुरू
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IIश्री महंत इंदिरेश अस्पताल में एमडीआर टीबी के मरीजों के लिए अब बीपालएम तकनीकी से उपचार शुरू किया गया। इसकी मदद से अब छह महीने में ही टीबी के मरीजों का कोर्स पूरा हो जाएगा। अस्पताल में डाॅट्स एवं डीआरटीबी कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डाॅ. श्रावणी कांची ने बताया कि पुरानी पद्धति से टीबी रोगियों के संपूर्ण उपचार के लिए 18 से 24 महीने लगता था। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। बुधवार को श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के श्वास रोग विभाग के एमडीआर वार्ड में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अजय पंडिता ने कहा कि टीबी उन्मूलन की दिशा में यह सुगम पहल है। टीबी मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इस दौरान टीबी एवं श्वास रोग के विभागाध्यक्ष डाॅ. जगदीश रावत, डाॅ. अभय प्रताप सिंह, डाॅ. सिद्धांत कुमार, डाॅ. विपिन सिंह, डाॅ. चैतन्य सरदाना, डाॅ. रमनदीप कालरा, डाॅ. मानवेंद्र सिंह, डाॅ. श्रिपा शर्मा, डाॅ. आध्या कथूरिया, डाॅ. लविश एवं डाॅ. सुकृति आदि मौजूद रहे। I
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IIश्री महंत इंदिरेश अस्पताल में एमडीआर टीबी के मरीजों के लिए अब बीपालएम तकनीकी से उपचार शुरू किया गया। इसकी मदद से अब छह महीने में ही टीबी के मरीजों का कोर्स पूरा हो जाएगा। अस्पताल में डाॅट्स एवं डीआरटीबी कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डाॅ. श्रावणी कांची ने बताया कि पुरानी पद्धति से टीबी रोगियों के संपूर्ण उपचार के लिए 18 से 24 महीने लगता था। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। बुधवार को श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के श्वास रोग विभाग के एमडीआर वार्ड में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अजय पंडिता ने कहा कि टीबी उन्मूलन की दिशा में यह सुगम पहल है। टीबी मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इस दौरान टीबी एवं श्वास रोग के विभागाध्यक्ष डाॅ. जगदीश रावत, डाॅ. अभय प्रताप सिंह, डाॅ. सिद्धांत कुमार, डाॅ. विपिन सिंह, डाॅ. चैतन्य सरदाना, डाॅ. रमनदीप कालरा, डाॅ. मानवेंद्र सिंह, डाॅ. श्रिपा शर्मा, डाॅ. आध्या कथूरिया, डाॅ. लविश एवं डाॅ. सुकृति आदि मौजूद रहे। I