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गढ़वाल में टैक्सी-मैक्सी संचालकों की हड़ताल खत्म, लेकिन कुमाऊं में हड़ताल से जनता हलकान

Sun, 07 Oct 2018 08:39 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 07 Oct 2018 08:39 AM IST
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taxi maxi diver strike ends in uttarakhand
यशपाल आर्य - फोटो : अमरउजाला

एक ओर राजधानी देहरादून सहित गढ़वाल मंडल में स्पीड गवर्नर के विरोध में टैक्सी संचालकों की हड़ताल खत्म हो गई, लेकिन कुमाऊं मंडल में दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही।

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पुरानी टैक्सी और मैक्स वाहनों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य नहीं करने समेत अन्य मांगों को लेकर पर्वतीय टैक्सी-मैक्सी महासंघ ने शनिवार को परिवहन मंत्री से वार्ता के बाद अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। देर शाम टैक्सी-मैक्सी वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया। जिसके चलते 10 दिन बाद पहाड़ जाने वाले यात्रियों को राहत मिली है। 

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शनिवार को देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी के नेतृत्व में पर्वतीय टैक्सी-मैक्सी महासंघ का प्रतिनिधिमंडल परिवहन मंत्री यशपाल आर्य से मिला। जिस पर मंत्री ने पुराने वाहनों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य न करने को लेकर जल्द केंद्रीय परिवहन मंत्री के साथ उनकी वार्ता कराने का आश्वासन दिया। इसके अलावा उन्होंने स्पीड गवर्नर पर राहत दिलाने के लिए विधिक राय लेने के बाद केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही। 
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विधायक कंडारी ने बताया कि परिवहन मंत्री ने ओवरलोड होने पर तीन महीने के लिए लाइसेंस निरस्त करने के मामले में मामले की जांच कर निस्तारण करने का आश्वासन दिया है। ग्रीन कार्ड की अनिवार्यता को व्यवहारिक बनाने के लिए समिति का गठन किया गया है। वर्ष 2017 में परमिट, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस में केंद्र सरकार की ओर से की गई शुल्क वृद्धि में संशोधन के लिए भी केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही गई है। वहीं, अन्य मांगों पर भी सहमति बनी है। जिसके चलते टैक्सी-मैक्सी संचालकों ने हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया। देर शाम टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग आदि जगहों के लिए वाहन चलने से यात्रियों को राहत मिली। 

बता दें कि पर्वतीय टैक्सी-मैक्सी महासंघ 10 दिनों से हड़ताल पर था। जिस कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। महासंघ के अध्यक्ष राकेश बर्तवाल ने हड़ताल खत्म कराने के लिए विधायक विनोद कंडारी आभार जताया। इस मौके पर प्रमोद नौटियाल, भरपूर सिंह रावत, सुभाष मलिक, ईश्वरीय प्रसाद, पवन कोठियाल आदि मौजूद रहे। उधर, दून गढ़वाल टैक्सी यूनियन के सचिव सत्यदेव उनियाल ने भी हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी। 

परिवहन मंत्री ने स्पीड गवर्नर मामले में विधिक राय लेने के साथ ही केंद्रीय परिवहन मंत्री के पास प्रतिनिधिमंडल भेजने का आश्वासन दिया है। जिसके चलते महासंघ ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है। 
- राकेश बर्तवाल अध्यक्ष, पर्वतीय टैक्सी-मैक्सी महासंघ

ये है टैक्सी-मैक्सी महासंघ की प्रमुख मांगें
- पुराने वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने में दिक्कत आ रही है, ऐसे में स्पीड गवर्नर की अनिवार्यता खत्म की जाए।
- ओवरलोडिंग पर चालक का लाइसेंस तीन महीने के लिए निरस्त करने, चालक पर केस दर्ज करने एवं ओवरलोडिंग पर जुर्माना गलत है। इनमें से किसी एक अभियोग के लिए एक ही सजा दी जाए।
- दुर्घटना होने पर चालक के साथ-साथ वाहन स्वामी पर मुकदमा गलत है, ऐसा न किया जाए।
- पर्वतीय मार्गों पर वाहन चालक के लिए सीट बेल्ट की अनिवार्यता खत्म हो।
- यात्रा के समय प्रदेश के वाहनों को ग्रीन कार्ड की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।
- पर्वतीय मार्गों पर टैक्सी-मैक्सी वाहन ही आवागमन का एकमात्र साधन हैं, ऐसे में वाहन में में लगी सीडी एवं छत यथावत रखी जाए।
- ओवरलोडिंग का जुर्माना पूर्व की तरह 250 रुपये प्रति सीट रखा जाए।
- वर्ष 2017 में केंद्र सरकार की ओर से परमिट, फिटनेस, डीएल आदि में की गई अतिरिक्त फीस वृद्धि को वापस लिया जाए।
- प्रदेश में अभी तक कोई परिवहन नीति नहीं है। ऐसे में राज्य की परिवहन नीति बनाई जाए।
- स्वस्थता प्रमाणपत्र समाप्त होने पर प्रतिदिन की 50 रुपये पेनाल्टी को पूर्व की भांति किया जाए।
- हर वर्ष वाहनों के बीमा पर की जाने वाली बढ़ोतरी रोकी जाए।
- वाहनों के प्रपत्र परिवहन कार्यालय में जमा करने की अवधि को तीन महीने से बढ़ाकर एक वर्ष किया जाए।
- वर्ष में दो बार फिटनेस करने वाले वाहनों पर फिटनेस फीस एक ही समय ली जाए।
- पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से अनावश्यक उत्पीड़न न किया जाए। 

कुमाऊं में दूसरे दिन भी नहीं चलीं टैक्सियां, भटकते रहे यात्री

स्पीड गवर्नर के विरोध में टैक्सी संचालकों की हड़ताल कुमाऊं मंडल में दूसरे दिन भी जारी रही। जिसके चलते शनिवार को दूसरे दिन भी यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ी। गरुड़ में एक टैक्सी चालक ने टैक्सी यूनियन के महासचिव  सुनील पांडे पर चाकू से हमला कर दिया। सुनील पांडे ने बताया कि एक टैक्सी चालक से सवारियां न ले जाने को कहने पर उसने उन पर चाकू से हमला कर दिया। उधर, बागेश्वर में टैक्सी यूनियन ने सोमवार को स्कूल बसों का संचालन ठप करने की चेतावनी दी है।


 टैक्सियों की हड़ताल के चलते गरमपानी से धनियाकोट, सिमलखा, वर्धो, हाल्सों, सिल्टोना, सीम, बजेड़ी लोहाली और काकड़ीघाट की ओर आने जाने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। अलबत्ता, लोहाघाट डिपो ने टनकपुर के लिए रोडवेज की दो अतिरिक्त बसें चलाकर दिक्कतों को कम करने का प्रयास किया। दिल्ली, देहरादून, पंजाब से आए लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी परेशान होना पड़ा। मंच, तामली, खेतीखान, पाटी,  रीठासाहिब, देवीधुरा, बाराकोट के लिए भी टैक्सियों का संचालन ठप रहा।

 

टनकपुर से बनबसा के लिए करीब साढ़े छह सौ टैक्सियों के पहिये जाम रहे। एआरएम एसआर कौशल ने बताया कि बरेली एवं अन्य रूटों पर जाने वाली पिथौरागढ़ और लोहाघाट डिपो की बसों को टनकपुर से ही वापस पिथौरागढ़, लोहाघाट भेजा गया। वहीं, पिथौरागढ़ से धारचूला, डीडीहाट, कनालीछीना, गंगोलीहाट और बेड़ीनाग के लिए भी  टैक्सियों का रानीखेत और द्वाराहाट मुख्य चौराहों पर टैक्सी यूनियन वालों ने परिवहन मंत्री का पुतला फूंका। इधर, हल्द्वानी से शनिवार को नैनीताल और अल्मोड़ा जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ गई। इसे देखते हुए परिवहन निगम ने पांच अतिरिक्त बसें नैनीताल और दो अतिरिक्त बसें अल्मोड़ा भेजी।  पिथौरागढ़ और चंपावत की बसें भी पैक होकर गईं। ब्यूरो

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