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सीएए पर कोई भ्रांति है तो हमसे करें बात
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नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में रैली निकालते देहरादून बार एसोसिएशन के सदस्य।
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दून बार एसोसिएशन से संबद्ध अधिवक्ताओं ने नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) का समर्थन करते हुए सोमवार को शांति मार्च निकाला। इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर शांति व्यवस्था कायम रखने की मांग की है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि सीएए और एनआरसी के संबंध में यदि किसी को भ्रांति है तो वह उनसे संपर्क कर सकता है। देश के हित में इन कानूनों को बनाया गया है। ऐसे में देश में किसी वैमनस्य की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। इससे किसी नागरिक को कोई नुकसान नहीं होगा।
अधिवक्ताओं ने सीएए और एनआरसी के समर्थन में सोमवार को शांति मार्च निकाला। अधिवक्ताओं ने इस संबंध में जिलाधिकारी सी रविशंकर से मुलाकात की और उन्हें शांति व्यवस्था कायम कराने के लिए ज्ञापन सौंपा। शांति मार्च के दौरान अधिवक्ताओं ने वैमनस्य फैलाने वालों को सचेत रहने को भी कहा। उन्होंने देश हित में किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने का आह्वान किया। कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए देशहित में बनाए गए कानून के बारे में भ्रम फैलाकर अराजकता करा रहे हैं। शांति मार्च के दौरान अधिवक्ता अश्वनी शर्मा, आशीष कुमार, अरुण सक्सेना, योगेंद्र तोमर, आशीष बंसल, चंद्रपाल, अभय गोयल, रत्ना रौथाण और आशा राजवंशी आदि मौजूद रहे।
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अधिवक्ताओं ने कहा कि सीएए और एनआरसी के संबंध में यदि किसी को भ्रांति है तो वह उनसे संपर्क कर सकता है। देश के हित में इन कानूनों को बनाया गया है। ऐसे में देश में किसी वैमनस्य की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। इससे किसी नागरिक को कोई नुकसान नहीं होगा।
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अधिवक्ताओं ने सीएए और एनआरसी के समर्थन में सोमवार को शांति मार्च निकाला। अधिवक्ताओं ने इस संबंध में जिलाधिकारी सी रविशंकर से मुलाकात की और उन्हें शांति व्यवस्था कायम कराने के लिए ज्ञापन सौंपा। शांति मार्च के दौरान अधिवक्ताओं ने वैमनस्य फैलाने वालों को सचेत रहने को भी कहा। उन्होंने देश हित में किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने का आह्वान किया। कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए देशहित में बनाए गए कानून के बारे में भ्रम फैलाकर अराजकता करा रहे हैं। शांति मार्च के दौरान अधिवक्ता अश्वनी शर्मा, आशीष कुमार, अरुण सक्सेना, योगेंद्र तोमर, आशीष बंसल, चंद्रपाल, अभय गोयल, रत्ना रौथाण और आशा राजवंशी आदि मौजूद रहे।
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