सावधान: आंखों में सूजन या नजर है धुंधली तो हो सकती है टीबी, इन लक्षणों को भूल कर भी न करें नजरअंदाज
टीबी की बीमारी आमतौर पर फेफड़ों और पेट में अधिक होती है। लोग भी फेफड़ों और पेट के टीबी पर अधिक ध्यान देते हैं। अधिकतर लोगों को आंखों के टीबी के बारे में पता ही नहीं चल पाता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सावधान! अगर आपकी आंखें बार-बार सूज रही हैं या फिर धुंधला नजर आ रहा है तो यह टीबी भी हो सकता है। इसलिए इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने पर आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
सिविल अस्पताल में आंखों के टीबी के कई मरीजों का उपचार चल रहा है। टीबी की बीमारी आमतौर पर फेफड़ों और पेट में अधिक होती है। लोग भी फेफड़ों और पेट के टीबी पर अधिक ध्यान देते हैं। अधिकतर लोगों को आंखों के टीबी के बारे में पता ही नहीं चल पाता है।
आंखों की रोशनी तक है चली जाती
सिविल अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. नितीश कुमार का कहना है कि टीबी की बीमारी कई तरह की होती है लेकिन लोग सबसे अधिक ध्यान फेफड़ों पर ही देते हैं जबकि टीबी की बीमारी आंखों में भी होती है। इन मरीजों की आंखों में सूजन, लालिमा और धुंधली नजर की शिकायत होती है जिसके कारण यह सही से देख नहीं पाते हैं।
कुछ लोग इसे आंख की आम बीमारी समझ लेते हैं और इनकी आंखों की रोशनी तक चली जाती हे। इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए तो डॉक्टर की सलाह पर टीबी की जांच करानी चाहिए। सिविल अस्पताल में कुछ ऐसे मरीजों का उपचार भी चल रहा है जिनकी आंखों में टीबी है। उपचार के बाद अधिकतर मरीज पूरी तरह सही होने की कगार पर पहुंच गए हैं। मरीज की स्क्रीनिंग के साथ ही पीसीआर जांच कराई जाती है।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: पीसीएस परीक्षा के लिए रिक्तियों की जानकारी भेजने में विभाग सुस्त, अभ्यर्थियों को आवेदन का इंतजार
ये हैं लक्षण-
- आंखों से साफ नहीं दिखाई देना।
- अधिक रोशनी में आंखों में जलन होना।
- सूजन, लालिमा और चमक आना।
- सिर में दर्द होना।
- आंखों में पानी भरा हुआ महसूस होना।
- अचानक रोशनी का कम होना।
- आंखों में गांठ होना।