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‘स्वच्छ दून’ की राह में मंत्रालय बना रोड़ा
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 07 Nov 2014 01:54 PM IST
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प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के बावजूद ‘स्वच्छ दून’ की राह में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय (एमओईएफ) रोड़ा बना हुआ है।
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रिसाइकलिंग प्लांट के लिए एनओसी नहीं दी
मंत्रालय की सुस्ती का खामियाजा दून की जनता को भुगतना पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट की ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश के बाद भी मंत्रालय ने 15 दिन के भीतर नगर निगम देहरादून को शीशम बाड़ा में रिसाइकलिंग प्लांट के लिए एनओसी नहीं दी।
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दो माह बीतने के बाद एनओसी के लिए नगर निगम ने रिमाइंडर भेजा है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। जेएनएनयूआरएम योजना के तहत दून में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट शुरू हुआ।
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2012 में प्रोजेक्ट के पहले चरण में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का काम हुआ। दूसरे चरण के प्रोजेक्ट में इस कूड़े को पहले ब्राह्मणवाला में ट्रांसफर ग्राउंड डाला जाना था, फिर शीशमबाड़ा में बनने वाले रिसाइकलिंग प्लांट में कूड़े का निस्तारण होना था।
प्लांट में कूड़े को नष्ट कर पाउडर बनना था, जिससे प्लास्टिक बनना था। प्रोजेक्ट से देहरादून शहर को कूड़े के निस्तारण से निजात मिल जाती।
पर्यावरण समिति ने दिया था ग्रीन सिग्नल
नगर निगम के प्रस्ताव पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने एनओसी देने से इंकार कर दिया था। आसपास के लोगों ने भी विरोध किया। बाद में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद एमओईएफ ने पर्यावरण समिति (ईसी) का गठन किया।
ईसी ने शीशमबाड़ा में स्थलीय दौरा किया। पर्यावरण के लिहाज से रिसाइकलिंग प्लांट को सही पाया। औपचारिकता पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट की ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अगस्त में पर्यावरण मंत्रालय को फिर से स्थलीय दौरा कर 15 दिन के भीतर नगर निगम को अनापत्ति प्रमाण पत्र (ओएनसी) देने के आदेश दिए।
आदेश मानते हुए मंत्रालय ने स्थलीय दौरा कर जांच तो की, लेकिन अभी तक एनओसी नहीं दी।
ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश पर जो ईसी कमेटी केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने गठित की है, उसने सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की है। पर्यावरण मंत्रालय को रिमाइंडर भेजा गया है।
- विनोद चमोली, मेयर देहरादून
ट्रेंचिंग ग्राउंड में क्षमता से ज्यादा कूड़ा
रिसाइकलिंग प्लांट अगर जल्द तैयार नहीं हुआ तो हालत बिगड़ सकते हैं। सहस्त्रधारा रोड पर स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में अब क्षमता से ज्यादा कूड़ा डाला जा चुका है। आसपास के लोगों ने भी इसका विरोध करना शुरू कर दिया है।