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बागियों पर गफलत, रहेंगे या जाएंगे
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 08 Mar 2017 01:58 PM IST
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कांग्रेस के नौ बागियों ने थामा भाजपा का हाथ।
- फोटो : file photo
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उत्तराखंड निर्माण के बाद ये पहला ऐसा विधानसभा चुनाव है, जिसमें बागियों का प्रदर्शन भी वोटरों की कसौटी पर कसा जाना है।
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कांग्रेस के बागियों के स्टैंड पर दलों के अलावा आम आदमी का भी अलग-अलग नजरिया है, हालांकि वोट करते वक्त वह किस रूप में सामने आता है, ये देखा जाना बाकी है।
कांग्रेस तो दावा कर चुकी है कि कोई बागी जीतकर नहीं आएगा, जबकि बागियों की नजर से देखें, तो उन्होंने व्यवस्था परिवर्तन के लिए त्याग किया है। इन स्थितियों के बीच, बगावत कर जंग ए मैदान में कूदे कांग्रेस के बागियों की ज्यादातर सीटों पर वोटिंग प्रतिशत इस बार घटा है। कुछ जगहों पर वोटिंग प्रतिशत बढ़ा भी है।
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दिलचस्प बात ये भी है कि कुछ सीटें ऐसी भी हैं, जहां पर वोटिंग प्रतिशत पिछले चुनाव की तुलना में लगभग बराबर है। इस हिसाब से देखें, तो बागी उम्मीदवारों, खास तौर पर वे, जो पूर्व विधायक रहे हैं, को वोट करते समय वोटरों ने उनके पिछले काम को भी कसौटी पर रखा है। इसी हिसाब से अलग-अलग सीटों पर बागियों को लेकर वोटरों का नजरिया भिन्न दिखाई दे रहा है। कुल मिलाकर वोटिंग प्रतिशत के लिहाज से ये कहना मुश्किल है कि बागियों को एकदम नकार दिया जाएगा या फिर वोटर उन्हें सिर माथे पर बैठा लेगा।
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राज्य की सोमेश्वर, बाजपुर, चौबट्टाखाल, यमुनोत्री, कोटद्वार और रायपुर जैसी सीटों पर इस बार वोटिंग प्रतिशत पिछले चुनाव की तुलना में कम रहा है। चौबट्टाखाल से सतपाल महाराज और कोटद्वार से हरक सिंह रावत जैसे कद्दावर नेता चुनाव मैदान में हैं। दोनों नेताओं के टफ फाइट में फंसे होने का फीडबैक मिल रहा है। आश्चर्यजनक रूप से सितारगंज का वोटिंग प्रतिशत इस बार चार फीसदी से ज्यादा बढ़ा है, जहां पर पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के पुत्र सौरभ बहुगुणा चुनाव मैदान में हैं।
केदारनाथ सीट पर भी वोटिंग प्रतिशत बढ़ा है, हालांकि यह करीब दो फीसदी है। केदारनाथ का मामला उत्तराखंड की सियासत में बेहद सुर्खियों में रहा है। कांग्रेस ने यहां से शैला रानी रावत को उम्मीदवार बनाया है। इन स्थितियों के बीच, भगवानपुर, रुड़की, नरेंद्रनगर जैसी सीटों पर मुकाबला तो कड़ा है, लेकिन वोटिंग प्रतिशत इस बार भी पिछले चुनाव के लगभग बराबर है। इससे बागियों के भविष्य को लेकर असमंजस और गहरा रहा है।
सीट - वोटिंग प्रतिशत - 2017 - 2012
खानपुर- 80.83 78.80
भगवानपुर- 79.07 79.70
रुड़की- 62.75 63.72
नैनीताल- 55.04 54.50
सोमेश्वर- 55.60 57.65
जसपुर- 78.41 77.48
बाजपुर- 75.94 76.70
सितारगंज- 84.48 80.64
नरेंद्रनगर- 64.05 64.65
चौबट्टाखाल- 48.33 50.42
कोटद्वार- 67.84 71.21
रायपुर- 61.91 63.81
यमुनोत्री- 69.35 71.02
केदारनाथ- 64.90 62.90