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नेपाल सीमा पर मिला संदिग्ध सामान, खुफिया एजेंसी एक्टिव

Thu, 04 Feb 2016 11:59 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो / अमर उजाला, चंपावत Updated Thu, 04 Feb 2016 11:59 AM IST
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suspected activity in nepal border.

एक तरफ देहरादून निवासी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को आतंकी गतिविधियों पर गोवा पुलिस ने गिरफ्तार किया तो वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड में नेपाल से लगे क्षेत्र में फिर संदिग्ध गतिविधि हुई है।

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उत्तराखंड से लगी नेपाल सीमा पर स्थित चंपावत में पिछले माह सात स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की धरती चौड़ाकोट में सेनानी शिलापट पर चांद-तारे का निशान, मस्जिद और फारसी में लिखी कुछ लाइनें लिखी होने का मामला प्रकाश में आने के बाद अब नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र में एक हरे रंग का झंडा मिला है।
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झंडे पर चांद-तारे बने हैं। अरबी भाषा में भी एक लाइन भी लिखी है। तामली थाना पुलिस को एक ग्रामीण ने यह झंडा सौंपा है।

झंडा कहां से आया, किसने इसे यहां छोड़ा?

suspected activity in nepal border.

जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर तल्लादेश क्षेत्र के खोकिया के पास हरे रंग का यह झंडा बरामद हुआ है। 24 जनवरी को एक ग्रामीण को यह झंडा नजर आया तो उसने झंडे को तामली (मंच) थाने में जमा करा दिया। पुलिस ने इस झंडे के परीक्षण का प्रयास किया, लेकिन कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।

झंडा कहां से आया, किसने इसे यहां छोड़ा है। झंडा मिलना महज इत्तफाक या इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं। तल्लादेश का ये इलाका नेपाल सीमा से करीब 25 किमी दूर है। इस दूरस्थ और अमन पसंद इलाके में हरा झंडा मिलने से तरह-तरह की चर्चाएं हों रही हैं।

किसी तरह के खतरे की कोई बात नहीं है। बरामद सामग्री इस्लाम का झंडा है। हो सकता है कि रेता-बजरी की गाड़ियों के जरिए यह झंडा यहां पहुंच गया हो। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
- दिलीप सिंह कुंवर, पुलिस अधीक्षक, चंपावत

इत्तफाक या भविष्य के लिए खतरा

suspected activity in nepal border.

पिछले महीने गणतंत्र दिवस से कुछ समय पहले जिला मुख्यालय से करीब 56 किलोमीटर दूर चौड़ाकोट में सात सेनानियों के शिलापट पर चांद-तारे का निशान, मस्जिद और पारसी भाषा में लिखी कुछ लाइनें मिलीं।

कोयले से अंकित ये लाइनें और चित्र किसने लिखे? इसके पीछे किसी की शरारत थी या साजिश, इसका स्पष्ट रूप से खुलासा नहीं हो सका। अलबत्ता पुलिस ने पूरे मामले को किसी अनजान शख्स के आस्थावश लिखा होने की संभावना जताई थी।

जनवरी में ही सूखीढांग क्षेत्र में एक सैटेलाइट फोन के उपयोग करने की लोकेशन मिली, लेकिन पुलिस के पड़ताल करने के बावजूद सैटेलाइट फोन का किसने इस्तेमाल किया, पता नहीं चल सका।

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