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उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंचा था सुशांत की फिल्म केदारनाथ पर रोक का मामला, सात जिलों में लगा था प्रतिबंध

Mon, 15 Jun 2020 04:01 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal गिरीश रंजन तिवारी, अमर उजाला, नैनीताल
गिरीश रंजन तिवारी, अमर उजाला, नैनीताल Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 15 Jun 2020 04:01 PM IST
सार

  • नैनीताल सहित सात जिलों में लगा था केदारनाथ फिल्म पर प्रतिबंध

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Sushant Singh Rajput suicide : kedarnath movie ban case reach on uttarakhand high court
- फोटो : File Photo

विस्तार

उत्तराखंड से सुशांत सिंह राजपूत का विचित्र कनेक्शन रहा है। यहां उनकी एक बड़ी फिल्म केदारनाथ की शूटिंग हुई तो यहीं उसके प्रदर्शन पर रोक भी लगा दी गई।

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फिल्म पर रोक लगाने की मांग को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका तक दायर हुई। हाईकोर्ट ने फिल्म केदारनाथ पर प्रतिबंध लगाने से इनकार करते हुए याची गढ़वाल निवासी स्वामी दर्शन भारती को फिल्म के मामले में डीएम रुद्रप्रयाग को प्रत्यावेदन देने को कहा था।
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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ ने याचिका निस्तारित करते हुए राज्य सरकार की ओर से पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में बनाई गई उच्च अधिकार प्राप्त कमेटी के गठन का हवाला देते हुए फिल्म के उत्तराखंड में प्रदर्शित होने का निर्णय मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित इस समिति पर छोड़ दिया था।

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फिल्म पर लव जिहाद को बढ़ावा देने के आरोप लगने लगे थे

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने याची के अधिवक्ता से यह भी कहा था कि आप चाहें तो फिल्म को न देखें। खंडपीठ ने कहा था कि आप लोगों ने पहले भी पद्मावत फिल्म पर विवाद छेड़कर उसे सुपर हिट बना दिया था।

खंडपीठ ने यह भी कहा था कि रुद्रप्रयाग के डीएम अपने विवेक का इस्तेमाल कर अपने निहित अधिकारों में कानून व्यवस्था के बिगड़ने की स्थिति में इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा सकते हैं।

इस मामले में याची स्वामी दर्शन भारती का कहना था कि केदारनाथ वासियों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी ईष्ट हैं। फिल्म से केदारनाथ का अपमान हो रहा है, इसलिए फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।

सात जिलों में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई थी

तन मन के साथ फिल्म को रिलीज होने से रोकने के लिए शरीर भी देना पड़े तो वह तैयार है। फिल्म का टीजर रिलीज होते ही केदारनाथ आपदा की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म पर लव जिहाद को बढ़ावा देने, सुशांत सिंह और सारा अली खान के बीच आपत्तिजनक अंतरंग दृश्य दर्शाने के आरोप लगने लगे थे।

केदारनाथ के पुजारियों सहित आम लोगों ने भी इसके प्रदर्शन पर रोक की मांग की थी।  इनकी समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी।

समिति में डीजीपी अनिल रतूड़ी, सचिव गृह नितेश झा और सचिव सूचना दिलीप जावलकर शामिल थे। यद्यपि सरकार ने फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया, लेकिन जिलाधिकारियों को अपने जिलों में स्वयं निर्णय लेने को कहा था। नैनीताल सहित प्रदेश के सात जिलों देहरादून, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी और अल्मोड़ा में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई थी।

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