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उत्तराखंड में मासूम से दुष्कर्म के दोषी की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:59 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
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रेप के बाद उत्तराखंड की आठ वर्षीय बच्ची की हत्या मामले में दोषी ठहराए गए करणदीप शर्मा की फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को रोक लगा दी।
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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सजा पर रोक लगाते हुए निचली अदालत से इस मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड मांगे हैं।
मामले के मुताबिक काशीपुर निवासी आठ वर्षीय बच्ची 25 जून, 2016 की रात इलाके में आयोजित एक धार्मिक समारोह में गई थी।
करणदीप को अपहरण, रेप और हत्या का दोषी ठहराया
RAPE
- फोटो : SELF
वहां इलेक्ट्रिशियन करणदीप बच्ची को देवी की भांति सजाने का झांसा देकर उसे सुनसान इलाके में ले गया। इसके बाद उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी।
अगले दिन बच्ची का शव खेत में पड़ा मिला। इस मामले में अप्रैल 2017 में फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट ने करणदीप को अपहरण, रेप और हत्या आदि का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिलने पर बाद में करणदीप ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
अगले दिन बच्ची का शव खेत में पड़ा मिला। इस मामले में अप्रैल 2017 में फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट ने करणदीप को अपहरण, रेप और हत्या आदि का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिलने पर बाद में करणदीप ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।