सुप्रीम कोर्ट के शिकंजे में फंसेगी रावत सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपदा की तैयारी को लेकर सरकार की परेशानी अभी और बढ़ने वाली हैं। दैवीय आपदा से निपटने की तैयारी पर सुप्रीम कोर्ट सरकार से जवाब तलब कर ही चुका है।
अब कोर्ट के खुलते ही सरकार के सामने इसी तरह के मामले को लेकर दायर की गई याचिका में जवाब तलब होने की सूरत बन गई है।
श्रीनगर से जय प्रकाश बिष्ट, विमल प्रसाद बहुगुणा, ऊ खीमठ से सुलोचना रावत की ओर से दाखिल की गई याचिका में यह पूछा गया था कि सरकार अगर बिजली, सड़क और अन्य कार्य पर खर्च बता रही है तो उसकी पूरी जानकारी दें।
इसके अलावा आपदा निर्माण कार्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट से निगरानी समिति बनाने का आग्रह भी किया गया था।
14 मार्च 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने मांगी थी पूरी सूचना
इस मामले की सुनवाई में 14 मार्च 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूरी सूचना भी मांगी थी। हाल यह रहा कि प्रदेश सरकार ने चुनाव और पुनर्निर्माण का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में समय मांगा था।
याचिकर्ताओं के अधिवक्ता बीकेपाल के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 25 अप्रैल तक का समय प्रदेश सरकार को दिया था।
हद तो यह रही कि प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक कोई जवाब दाखिल किया ही नहीं गया है। अधिवक्ता बीके पाल के मुताबिक कोर्ट के खुलते ही यह मामला लिस्ट होगा।
आपदा प्रबंधन की तैयारी को लेकर मांगा जवाब
जाहिर है कि एक मामले से निकलते ही सरकार दूसरे मामले में फंसने जा रही है। जय प्रकाश बिष्ट और अन्य याचिकर्ताओं ने भी सरकार की आपदा प्रबंधन की तैयारी को लेकर जवाब मांगा है।
दूसरी ओर हकीकत यह भी है कि पुनर्निर्माण, चुनाव और यात्रा के शोर में अगले मानसून की तैयारी पर सरकार का ध्यान गया ही नहीं।
हाल यह है कि शनिवार को मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीस जून तक नदियों से रेत, बजरी हटाने का निर्देश जारी किया गया।
जाहिर है कि आपदा प्रबंधन के तहत निर्माण कार्य, बाढ़ सुरक्षा पर शासन का अभी ध्यान नही हैं।
इस बार भी मानसून जून में सक्रिय होने का अनुमान
2013 में एक जून को मानसून सक्रिय हो गया था और 14 से लेकर 17 जून तक केदारनाथ और अन्य क्षेत्रों में भारी बरसात हुई थी।
इस बार भी मानसून जून माह में सक्रिय होने का अनुमान है। दूसरी ओर शासन 30 जून तक आपदा से संबंधित सभी काम पूरा करने का निर्देश जारी कर रहा है।
हाल ही में याचिकर्ता केशर सिंह पंवार, शंभु प्रसाद भट्ट, सुमन विश्वकर्मा समेत सात लोगों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चुकी है।
इन याचिकर्ताओं का कहना था कि बिना मानसून की तैयारी के यात्रा शुरू कर देने से यात्रियों के जानमाल के नुकसान की आशंका बढ़ गई है। निर्माण कार्य के लिए बेहद कम धन अवमुक्त किया गया है।