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Dehradun News: 215 बिजलीघरों की आपूर्ति की अब डिजिटल निगरानी
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-यूपीसीएल ने इन सब स्टेशन में लगाई आरटीडीएएस प्रणाली
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के 215 बिजलीघरों पर यूपीसीएल ने समय से पहले ही रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत डिजिटल निगरानी की प्रणाली लगा दी है। इसका गो लाइव सिस्टम भी संपन्न हो चुका है। यूपीसीएल मुख्यालय के मुताबिक इसके सकारात्मक परिणाम भी दिखने लगे हैं।
अधिशासी अभियंता स्काडा मोहन मित्तल ने बताया कि इस प्रणाली के तहत शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण पर्वतीय क्षेत्रों के उपसंस्थानों की भी डिजिटल निगरानी की जा रही है। इसमें धारचूला, मुनस्यारी, लोहाघाट, टनकपुर, रानीपोखरी, जौलीग्रांट, नकोट, पंतनगर, गैरसैंण, अस्कोट, अगस्त्यमुनि, लालतप्पड़, रोशनाबाद, रायवाला, ऊखीमठ, श्रीकोट, पुरोला, बर्नीगाड़, रुद्रपुर, त्यूनी, आदिबद्री, चाकीसैंण, चिपलघाट, सेलाकुई सहित अनेक प्रमुख उपसंस्थान शामिल हैं। इन उपसंस्थानों पर आरटी डीएएस लागू होने से विद्युत आपूर्ति की स्थिति, फॉल्ट, लोड और उपकरणों से संबंधित जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध हो रही है।
इस प्रणाली से वोल्टेज, करंट, लोड, ब्रेकर की स्थिति, ट्रिपिंग घटनाएं एवं विद्युत प्रवाह जैसे महत्वपूर्ण पैरामीटर सीधे कंट्रोल सेंटर तक पहुंचते हैं। बिजली नेटवर्क की निगरानी अधिक सटीक एवं पारदर्शी हुई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के 215 बिजलीघरों पर यूपीसीएल ने समय से पहले ही रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत डिजिटल निगरानी की प्रणाली लगा दी है। इसका गो लाइव सिस्टम भी संपन्न हो चुका है। यूपीसीएल मुख्यालय के मुताबिक इसके सकारात्मक परिणाम भी दिखने लगे हैं।
अधिशासी अभियंता स्काडा मोहन मित्तल ने बताया कि इस प्रणाली के तहत शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण पर्वतीय क्षेत्रों के उपसंस्थानों की भी डिजिटल निगरानी की जा रही है। इसमें धारचूला, मुनस्यारी, लोहाघाट, टनकपुर, रानीपोखरी, जौलीग्रांट, नकोट, पंतनगर, गैरसैंण, अस्कोट, अगस्त्यमुनि, लालतप्पड़, रोशनाबाद, रायवाला, ऊखीमठ, श्रीकोट, पुरोला, बर्नीगाड़, रुद्रपुर, त्यूनी, आदिबद्री, चाकीसैंण, चिपलघाट, सेलाकुई सहित अनेक प्रमुख उपसंस्थान शामिल हैं। इन उपसंस्थानों पर आरटी डीएएस लागू होने से विद्युत आपूर्ति की स्थिति, फॉल्ट, लोड और उपकरणों से संबंधित जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध हो रही है।
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इस प्रणाली से वोल्टेज, करंट, लोड, ब्रेकर की स्थिति, ट्रिपिंग घटनाएं एवं विद्युत प्रवाह जैसे महत्वपूर्ण पैरामीटर सीधे कंट्रोल सेंटर तक पहुंचते हैं। बिजली नेटवर्क की निगरानी अधिक सटीक एवं पारदर्शी हुई है।
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