उत्तराखंड: गैरसैंण सत्र में आएगा अनुपूरक बजट, वित्त विभाग ने विभागों से मांगे प्रस्ताव
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गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रदेश सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी। वित्त विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। सभी विभागोें को अनुपूरक मांग के प्रस्ताव आठ नवंबर तक भेजने के निर्देश जारी हुए हैं।
विभागों से प्रस्ताव आने के बाद वित्त विभाग अनुपूरक बजट का प्रस्ताव तैयार करेगा। वित्त विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव व प्रभारी सचिवों को इस संबंध में एक पत्र भी जारी किया है।
कैबिनेट की पिछली बैठक में विधानसभा का शीतकालीन सत्र गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में करने का निर्णय लिया गया था। यह सत्र सात दिसंबर से प्रस्तावित है। सत्र के आयोजन की मुख्य वजह विभागों के लिए धन की व्यवस्था करना है।
सत्ता पर काबिज होने के बाद प्रदेश सरकार ने विधानसभा में लेखानुदान पेश किया था। उसके बाद के सत्र में उसने बजट पेश किया। इस बजट में लेखानुदान की राशि को समायोजित कर दिया गया था।
इन मदों के लिए मांगे प्रस्ताव
आगामी छमाही के लिए विभागों को वेतन, भत्तों के लिए बजट की व्यवस्था करनी है। यह डिमांड अनुपूरक बजट से पूरी हो सकेंगी। सचिव वित्त अमित सिंह नेगी ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। पत्र में विभागों को अनुपूरक मांग के लिए प्रस्ताव हिंदी व अंग्रेजी में भेजने को कहा गया है।
प्रदेश सरकार के पहले अनुपूरक बजट के लिए वचनबद्ध मदों के प्रस्ताव मांगे गए हैं। वचनबद्ध प्रस्ताव वेतन व भत्ते शामिल हैं। इनके अलावा वित्त विभाग केंद्र पोषित योजनाओं, वाह्य सहायतित योजनाओं, नाबार्ड वित्त पोषित योजनाओं के मद में कम पड़ रही धनराशि एवं राज्य आकस्मिकता निधि से निकाली जाने वाली धनराशि की प्रतिपूर्ति के प्रस्ताव को प्राथमिकता देगा।
सभी विभागों को आठ नवंबर तक अपनी अनुपूरक मांग के प्रस्ताव भेजने कहा गया है। डिमांड आने के बाद वित्त विभाग अपनी एक्सरसाइज करेगा। विभागों को वचनबद्ध मदों के ही प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।
- अमित सिंह नेगी, सचिव वित्त।