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शिक्षा के लिए एक बेटी ने बदली पूरे गांव की सोच

Thu, 07 May 2015 08:29 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 07 May 2015 08:29 AM IST
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success story of sonam rana.

उत्तराखंड की बेटी नरे शिक्षा पाने के लिए पूरे गांव की सोच ही बदल डाली। कैसे, जानने के लिए पढ़ें...

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'मैं सोनम राणा उत्तराखंड में दुर्गम के गांव खलियान बांगर की रहने वाली हूं। हम तीन भाई बहन हैं जिनमें मैं सबसे छोटी हूं। मेरे पिता विजेंद्र सिंह गांव में ही पोस्टमास्टर हैं और मां देवकी देवी गृहिणी हैं। हमारे गांव के बच्चे पढ़ाई के लिए तीन किमी. दूर स्थित जीआईसी, कैलाश बांगर आते हैं।

पहले हमारे गांव में बेटियों को उच्च शिक्षा नहीं दी जाती थी। मैं भी यही सोचती थी कि लड़कियों को ज्यादा शिक्षित करने से क्या फायदा है। उन्हें तो शादी करके दूसरे के घर जाना है। लेकिन कक्षा सात में महादेवी वर्मा पर आधारित पाठ ने मेरी सोच बदल दी।
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इससे मुझे सीख मिली कि महिला किस तरह समाज के विकास में अपना सहयोग कर सकती है। इसी से प्रेरणा लेकर मैने गांव में लड़कियों की शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने की ठानी। इसके लिए मैने अपने घर से ही शुरुआत की।

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अखबार में आया नाम तो गांव को हुआ विश्वास

success story of sonam rana.

वर्ष 2008 में मैं जब कक्षा आठ में थी तो मेरा चयन उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता के लिए हुआ। लेकिन गांव के संकीर्ण माहौल के चलते मेरा परिवार मुझे बाहर भेजने के लिए तैयार नहीं था।

काफी मिन्नतें करने के बाद मुझे प्रतियोगिता में भाग लेने की स्वीकृति मिली। तब मैंने मन में ठानी की प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर जिले व गांव का नाम रोशन करूंगी और हुआ ऐसा ही। मुझे प्रदेश स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।

इसके बाद मेरा नाम अखबार में छपा तो मेरे परिवार व गांव के लोग काफी खुश हुए। मेरी सफलता से उन्हें आस जगी कि बेटी भी परिवार का नाम रोशन कर सकती है।

इसके बाद वर्ष 2011 में मेरा चयन जिला स्तरीय प्रतियोगिता में चुने गए तीन सौ मेधावी छात्रों में हुआ। जिससे गांव में लड़कियों की शिक्षा के प्रति लोगों की सोच बदली। आज इसी का नतीजा है कि अब कई लड़कियां उच्च शिक्षा के लिए गांव से बाहर पढ़ने जा रही हैं।

प्रोफाइल :
नाम : सोनम राणा
निवासी : खलियान बांगर, जखोली, रुद्रप्रयाग
शिक्षा : बीएससी द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत

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