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मनमानी फीस वसूलने के विरोध में आयुर्वेद विवि में छात्रों ने कुलसचिव समेत अन्य को बनाया बंधक
Tue, 24 Sep 2019 12:08 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 24 Sep 2019 12:08 PM IST
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उत्तराखंड आयुर्वेद विवि
- फोटो : फाइल फोटो
उत्तराखंड में प्राइवेट कॉलेज में मनमानी फीस वसूलने के विरोध में सोमवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आयुर्वेद विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करने के बाद तालाबंदी कर दी। इसके बाद शाम को कुलपति से वार्ता हुई। जिसके बाद 30 सितंबर से होने वाली बीएएमएस की बैक परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया।
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सुबह काफी संख्या में प्राइवेट कॉलेज के छात्र-छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ आयुर्वेद विश्वविद्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों ने कहा कि प्राइवेट कॉलेज मनमानी फीस वसूल रहे हैं। जिस कोर्स की फीस 80 हजार रुपये है, उसके लिए ढाई लाख रुपये लिए जा रहे हैं।
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जो छात्र फीस नहीं दे रहा है, उसे परीक्षा में बैठने नहीं दिया जा रहा है। कहा कि कुछ कॉलेज ऐसे हैं, जिनकी मान्यता नहीं है। जिसके चलते 2018-19 बैच के छात्रों का भविष्य अधर में लटकता दिख रहा है। इस दौरान छात्रों और अभिभावकों की कुलपति डॉ. सुनील जोशी और कुलसचिव माधवी गोस्वामी से तीखी नोक-झोंक हुई। इसके बाद छात्रों ने गेट पर तालाबंदी कर दी। ऐसा होने से विवि के तमाम अधिकारी अंदर ही बंद हो गए।
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सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन छात्र और अभिभावक नहीं माने। इसके चलते कर्मचारियों, मरीजों एवं तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान आदित्य, प्रदीप गुप्ता, ललित तिवारी, शिवम शुक्ला, अजय, फैसल सिद्दीकी, प्रगति, हार्दिक आदि मौजूद रहे।
26 सितंबर को सभी कॉलेजों की बैठक बुलाई गई है। जिस पर चर्चा के बाद परीक्षा कार्यक्रम जारी किया जाएगा। इसके अलावा फीस के संबंध में भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
- प्रो. सुनील जोशी, कुलपति