कॉलेज में एडमिशन के लिए स्टूडेंट ने किया ऐसा काम, रौंगटे खड़े हो जाएंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कॉलेज में एडमिशन के लिए स्टूडेंट ने ऐसा काम किया कि सुनकर आपके भी रौंगटे खड़े हो जाएगा। पांच घंटे तक चले इस ड्राम के बाद आखिरकार कॉलेज बंद करना पड़ा।
पीएनजीपीजी महाविद्यालय में 40 प्रतिशत अंक तक सभी छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रनेताओं के तीन गुट मंगलवार को आमने-सामने आ गए। पहले धरना-प्रदर्शन किया फिर पांच छात्र आत्मदाह की धमकी देकर कॉलेज के भवन पर चढ़ गए। इससे कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया।
इस बीच भूख हड़ताल पर बैठे एक छात्र और छात्रा की हालत बिगड़ गई। इस दौरान छात्रों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। एसडीएम और कॉलेज प्रशासन की शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील काम नहीं आई तो कॉलेज को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया।
पुलिस प्रशासन के फूल गए हाथ पांव
40 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं मिलने पर एबीवीपी, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के अलावा और एक निर्दलीय प्रत्याशी सोमवार से भूख हड़ताल पर बैठे थे।
एबीवीपी के छात्रों ने मंगलवार को सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी थी। मंगलवार को कॉलेज परिसर में पुलिस बल तैनात था। दोपहर एनएसयूआई के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सुमित लोहनी पीजी ब्लाक की छत पर चढ़ गया मांग न मानने पर आत्मदाह की चेतावनी देने लगा।
कॉलेज प्रशासन, एसडीएम, कोतवाल उसे समझाकर नीचे उतरने को कहते रहे मगर वह नहीं माना। उसने चेतावनी दी कि यदि छत का दरवाजा तोड़ा तो मैं छत से कूद जाऊंगा।
इससे पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए उन्होंने तुरंत सुमित की मां महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष अमिता लोहनी को सूचना दी। वह पति गोपाल लोहनी और बड़े बेटे मनीश के साथ महाविद्यालय पहुंचीं लेकिन उनकी बात को भी नजरअंदाज कर दिया गया।
एक छात्र ने खुद पर छिड़का मिट्टी का तेल, दूसरा चढ़ गया छत पर
पुलिस ने उसे पकड़ हिरासत में लिया। अफरातफरी के बीच बीए प्रथम वर्ष मे प्रवेश लेने आई तनुजा भी बेहोश हो गई। जिससे माहौल और गर्मा गया। सुमित लोहनी को बमुश्किल नीचे उतारा ही था कि एबीवीपी अध्यक्ष दीप बेलवाल छात्रसंघ कार्यालय की छत पर मिट्टी का तेल छिड़क आत्मदाह करने के लिए चढ़ गया।
इससे एक बार फिर अफरातफरी का माहौल हो गया। उसे पुलिस ने किसी तरह नीचे उतारा। ड्रामा देख एसडीएम परितोष वर्मा ने प्राचार्या हेमा प्रसाद को महाविद्यालय मे शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर अनिश्चितकालीन अवकाश घोषित करने को कहा। इसके बाद पुलिस ने सभी छात्र छात्राओं को महाविद्यालय के बाहर खदेड़ दिया। पुलिस ने चार छात्रों चंदन बिष्ट, नदीम अख्तर, सुमित लोहनी, कमल फुलारा को 151 के तहत चालान कर एसडीएम कोर्ट मे पेश किया। जहां से इन चारों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया।
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार निदेशक उच्च शिक्षा से महाविद्यालय को आदेशित किया गया है कि मानक से अधिक प्रवेश न हों। यह हमारे स्तर का मामला नहीं है। हमने छात्रों की समस्या को देखते हुए स्थानीय विधायक और उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है। कई पत्र लिखे हैं।
हेमा प्रसाद, प्राचार्य