‘खूनी फ्लाई ओवर’ से गिरकर छात्र की मौत, एक साल में आठ लोग गवा चुके जान
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‘खूनी फ्लाईओवर’ से गिरकर सोमवार रात स्कूटी सवार डीएवी के छात्र की मौत हो गई। छात्र अपने दोस्त से मिलकर लौट रहा था। पुलिस के अनुसार स्कूटी का संतुलन बिगड़ने से हादसा हुआ।
पुलिस के मुताबिक बिहार निवासी चावल कारोबारी राकेश कुमार का बेटा राजीव कुमार अपने भाई के साथ देहरादून में रहकर पढ़ाई कर रहा था। राजीव डीएवी कॉलेज में बीकाम का छात्र है और चाटर्ड एकाउंटेंट की तैयारी भी कर रहा था।
सोमवार रात करीब 11 बजे राजीव बल्लूपुर के पास रहने वाले अपने दोस्त मिलकर स्कूटी से लौट रहा था। बल्लीवाला फ्लाईओवर पर कट के पास स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और स्कूटी फ्लाईओवर की दीवार से टकरा गई। हादसे में राजीव अपने आप को संभाल नहीं सका और पुल के नीचे जा गिरा।
उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने राजीव को सिनर्जी अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल में राजीव के कई दोस्त व परिजन भी पहुंचे। एसओ वसंत विहार संजय मिश्रा ने बताया कि फ्लाई ओवर की दीवार नीची होने के कारण अक्सर हादसे हो चुके हैं।
आठ मौतों से नहीं लिया सबक
आठ मौतों से नहीं लिया सबक
बल्लीवाला फ्लाई ओवर की पहचान खूनी फ्लाई ओवर के रूप में है। करीब एक साल में इस फ्लाईओवर से गिरकर आठ लोग जान गवां चुके हैं। इसके बावजूद हाइवे प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। फ्लाईओवर पर तीन मौतों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फ्लाई ओवर की दीवारों को ऊंचा करने के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक हालात जस के तस हैं।
अमर उजाला ने चलाई थी मुहिम
अमर उजाला ने फ्लाईओवर की अव्यवस्था को लेकर मुहिम चलाई थी। ‘उजाला’ ने बढ़ते हादसों पर फ्लाईओवर की कमियों को प्रमुखता से उठाया था। एसपी ट्रैफिक धीरेन्द्र गुंज्याल ने हाइवे प्रशासन को इसकी रिपोर्ट भी भेजी थी। कुछ दिन पुलिस ने यहां अभियान चला कर सतर्कता बरती, लेकिन बाद में हालात पहले जैसे हो गए। हाइवे प्रशासन ने भी कुछ खामियां सुधारीं, लेकिन स्थाई समाधान अब तक नहीं किया है।