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Dehradun News: मिलावटखोरी पर सख्त कार्रवाई 3.31 करोड़ का जुर्माना वसूला

Thu, 25 Dec 2025 07:33 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 25 Dec 2025 07:33 PM IST
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Strict action taken against adulteration, fine of Rs 3.31 crore collected
-प्रदेशभर में 223 खाद्य नमूने गुणवत्ता मानकों में फेल
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-इस साल अब तक जांच के लिए भेजे गए 3122 खाद्य नमूने
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश सरकार ने खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मिलावटखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की है। जांच में खाद्य नमूने गुणवत्ता मानकों में फेल पाए जाने पर न्यायालय के फैसले के अनुसार विक्रेता व निर्माताओं से 3.31 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।
वित्तीय वर्ष 2025 में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेशभर से 3122 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे हैं। इनमें 223 नमूने जांच में फेल पाए गए। इन मामलों में विभाग ने कार्रवाई करते हुए न्यायालय में वाद दायर किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने वादों का निपटारा कर 3.31 करोड़ का जुर्माना लगाया है।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशानिर्देश पर एफडीए ने मिलावटखोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत विभागीय टीम ने बाजारों, होटल-ढाबों, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों, स्ट्रीट फूड वेंडर्स और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य नमूने एकत्रित किए। इस दौरान 10,789 उपभोक्ताओं एवं खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण व अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
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कुपोषण से लड़ने का प्रभावी माध्यम
राज्य में कुपोषण, एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए विभाग ने फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा दिया। वर्ष 2025 में 11 जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को फोर्टीफाइड आटा, तेल, दूध, नमक आदि के स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि संतुलित और पोषक भोजन ही स्वस्थ समाज की नींव है। विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थों के महत्व को रेखांकित किया गया।
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गुणवत्ता और मानव संसाधन में मजबूती
औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने वर्ष 2025 में व्यापक स्तर पर निरीक्षण और सैंपलिंग की। राज्य संवर्ग आयोग के माध्यम से 18 औषधि निरीक्षकों का चयन कर उनकी नियुक्ति एवं तैनाती की गई, जिससे औषधि नियंत्रण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया। इसके साथ ही रिक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी पदों को भरने के लिए लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा गया है।
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नशा व मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर कड़ा प्रहार
राज्य में मादक औषधियों के दुरुपयोग और तस्करी की रोकथाम के लिए राज्यस्तरीय कार्यक्रम संचालित किया गया। इसके लिए क्विक रिस्पांस टीम का गठन किया गया। जून 2025 में 1445 निरीक्षण किए गए और 1068 औषधियों के नमूने संग्रहित किए गए। 10 आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया।

......कोट......
वर्ष 2025 के दौरान विभाग ने खाद्य सुरक्षा, औषधियों की गुणवत्ता नियंत्रण, मिलावट व नशे के दुरुपयोग की रोकथाम, आधुनिक प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण व जन जागरूकता अभियान के माध्यम से कई उपलब्धियां हासिल की हैं। विभाग की प्राथमिकता आम लोगों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण भोजन व दवाएं उपलब्ध कराना है। -डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य
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