{"_id":"633c7eadcdcdf73dbc65743d","slug":"street-light-half-a-doon-in-the-dark-even-the-mayor-s-instructions-are-not-visible-city-news-drn4246564160","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्ट्रीट लाइट का जिम्मा संभाल रही कंपनी हुई बेलगाम, नहीं हो पा रहा बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्ट्रीट लाइट का जिम्मा संभाल रही कंपनी हुई बेलगाम, नहीं हो पा रहा बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का समाधान
सार
नगर निगम में स्ट्रीट लाइटों का जिम्मा संभालने वाली कंपनी बेलगाम हो चुकी है।सप्ताह में एक दिन प्रत्येक वार्ड में जाने के हुए थे निर्देश नगर निगम बोर्ड बैठक में स्ट्रीट लाइटों की समस्या को सभी पार्षदों ने जोर-शोर से उठाया था।स्ट्रीट लाइटों को लेकर लगातार शिकायत मिल रही है।
विज्ञापन
विस्तार
नगर निगम में स्ट्रीट लाइटों का जिम्मा संभालने वाली कंपनी बेलगाम हो चुकी है। कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी न तो निगम के अफसरों की सुन रहे हैं और न ही पार्षदों की। हालत यह है कि तमाम वार्डों में स्ट्रीट लाइटें खराब हैं और रात होते ही यहां अंधेरे के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। निगम प्रशासन के लाख कड़े निर्देशों के बावजूद कंपनी के अधिकारी इन लाइटों को ठीक करने को तैयार नहीं हैं।
दरअसल, नगर निगम ने पुराने 60 वार्डों में करीब 80 हजार स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं। इसके लिए निगम प्रशासन ने ईएसएल कंपनी से करार किया है। शुरू से ही इस कंपनी की कार्यशैली विवादों में रही। पहले तय समय से दो साल बाद कंपनी ने स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम शुरू किया। अब हाल यह है कि पुराने वाडों में लगाई गई आधी से ज्यादा एलईडी लाइटें खराब हो चुकी हैं। नए वार्डों में भी कही लाइटें जल रही हैं तो कहीं खराब हो रखी हैं। आम जनता के साथ ही पार्षद लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं। रोज 100 के करीब शिकायतें नगर निगम पहुंच रही हैं। नगर आयुक्त और मेयर कई बार कंपनी को शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी इतने बेलगाम हैं कि वह सुनने को तैयार नहीं हैं। इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारियों की कंपनी के प्रति दरियादिली किसी के समझ में नहीं आ रही है।
सप्ताह में एक दिन प्रत्येक वार्ड में जाने के हुए थे निर्देश
नगर निगम बोर्ड बैठक में स्ट्रीट लाइटों की समस्या को सभी पार्षदों ने जोर-शोर से उठाया था। जिसके बाद तय हुआ था कि कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी सप्ताह में एक या दो दिन प्रत्येक वार्ड में भ्रमण कर शिकायतों का निस्तारण करेंगे। नगर आयुक्त ने इस संबंध में कंपनी को भी निर्देश दिए थे, लेकिन वार्डों में जाने की बात तो दूर कंपनी के अधिकारी पार्षदों का फोन तक नहीं उठा रहे हैं।
विज्ञापन
स्ट्रीट लाइटों को लेकर लगातार शिकायत मिल रही है। साथ ही संज्ञान में आया है कि कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी पार्षदों के फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं। नगर आयुक्त को इसका संज्ञान लेकर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुनील उनियाल गामा, मेयर नगर निगम
वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की समस्या को लेकर पूर्व विधायक राजकुमार और कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने नगर आयुक्त और मेयर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने नगर की पथप्रकाश व्यवस्था को ठीक करने के साथ ही स्ट्रीट लाइटों का काम देख रही कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि देहरादून में स्ट्रीट लाइटों की समस्या बढ़ती जा रही है। नगर क्षेत्र में विभिन्न वार्डों में स्ट्रीट लाइटें शो पीस बने हुए हैं। वार्डों में अंधेरा छाया हुआ है। वहीं कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि जब से पथ प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी ईएसएल कंपनी के पास आइ है, तब से स्ट्रीट लाइट को लेकर आ रही शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
दरअसल, नगर निगम ने पुराने 60 वार्डों में करीब 80 हजार स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं। इसके लिए निगम प्रशासन ने ईएसएल कंपनी से करार किया है। शुरू से ही इस कंपनी की कार्यशैली विवादों में रही। पहले तय समय से दो साल बाद कंपनी ने स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम शुरू किया। अब हाल यह है कि पुराने वाडों में लगाई गई आधी से ज्यादा एलईडी लाइटें खराब हो चुकी हैं। नए वार्डों में भी कही लाइटें जल रही हैं तो कहीं खराब हो रखी हैं। आम जनता के साथ ही पार्षद लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं। रोज 100 के करीब शिकायतें नगर निगम पहुंच रही हैं। नगर आयुक्त और मेयर कई बार कंपनी को शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी इतने बेलगाम हैं कि वह सुनने को तैयार नहीं हैं। इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारियों की कंपनी के प्रति दरियादिली किसी के समझ में नहीं आ रही है।
विज्ञापन
सप्ताह में एक दिन प्रत्येक वार्ड में जाने के हुए थे निर्देश
नगर निगम बोर्ड बैठक में स्ट्रीट लाइटों की समस्या को सभी पार्षदों ने जोर-शोर से उठाया था। जिसके बाद तय हुआ था कि कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी सप्ताह में एक या दो दिन प्रत्येक वार्ड में भ्रमण कर शिकायतों का निस्तारण करेंगे। नगर आयुक्त ने इस संबंध में कंपनी को भी निर्देश दिए थे, लेकिन वार्डों में जाने की बात तो दूर कंपनी के अधिकारी पार्षदों का फोन तक नहीं उठा रहे हैं।
विज्ञापन
स्ट्रीट लाइटों को लेकर लगातार शिकायत मिल रही है। साथ ही संज्ञान में आया है कि कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी पार्षदों के फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं। नगर आयुक्त को इसका संज्ञान लेकर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुनील उनियाल गामा, मेयर नगर निगम
वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की समस्या को लेकर पूर्व विधायक राजकुमार और कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने नगर आयुक्त और मेयर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने नगर की पथप्रकाश व्यवस्था को ठीक करने के साथ ही स्ट्रीट लाइटों का काम देख रही कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि देहरादून में स्ट्रीट लाइटों की समस्या बढ़ती जा रही है। नगर क्षेत्र में विभिन्न वार्डों में स्ट्रीट लाइटें शो पीस बने हुए हैं। वार्डों में अंधेरा छाया हुआ है। वहीं कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि जब से पथ प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी ईएसएल कंपनी के पास आइ है, तब से स्ट्रीट लाइट को लेकर आ रही शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है।