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हरदा के राज में चुनाव से पहले बांटे गए सभी खनन पट्टों पर रोक

Wed, 10 May 2017 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 10 May 2017 01:00 AM IST
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 stops all mining leases distributed before election 

प्रदेश सरकार ने उन सभी स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट और खनिजों के भंडारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है, जिनकी स्वीकृतियां विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने से 15 दिन पहले जारी की गई थी।

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इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले से करीब 40 स्टोन क्रशर, 20 स्क्रीनिंग प्लांट और आधा दर्जन से अधिक निजी नाप भूमि के खनन पट्टों पर तलवार लटक गई है।
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शासन ने इन सभी की जांच करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रभारी सचिव औद्योगिक विकास विभाग (खनन) शैलेश बगोली की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है जो 30 दिन में शासन को संस्तुति देगी।
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बता दें कि प्रदेश में चार जनवरी 2016 को आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हुई थी। तत्कालीन सरकार ने चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले 15 दिनों के दौरान नई उपखनिज चुगान नीति के तहत निजी नाप भूमि के खनन पट्टों को मंजूरी दी। साथ ही खनिजों के भंडारण और स्क्रीनिंग प्लांट के लाइसेंस भी बांटे।

तीन सदस्यीय समिति गठित, एक महीने में देगी रिपोर्ट

 stops all mining leases distributed before election 

​तब विपक्ष ने सरकार के इस निर्णय पर सवाल उठाए थे। भाजपा के सत्तारूढ़ हो जाने के बाद से हरीश राज में बांटे गए इन खनन पट्टों की नए सिरे समीक्षा की चर्चाएं सियासी हलकों में पिछले काफी समय से तैर रही थी।

मंगलवार को प्रभारी सचिव औद्योगिक विकास (खनन) शैलेश बगोली की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें 15 दिन में स्वीकृति निजी नाप भूमि के समस्त खनन पट्टों, स्टोन क्रशरों, स्क्रीनिंग प्लांट और भंडारण केंद्रों के लाइसेंस निलंबित करने का निर्णय लिया गया। 

औद्योगिक विकास विभाग के जारी आदेश के मुताबिक, सस्पेंड किए गए सभी निजी नाप भूमि के पट्टों, स्टोन क्रशरों और भंडारण केंद्रों की नए सिरे से समीक्षा होगी।

उनके परीक्षण के लिए प्रभारी सचिव औद्योगिक विकास विभाग शैलेश बगोली की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है जिसमें मुख्य वन संरक्षक, मुख्यालय, केंद्रीय मृदा एवं जल संरक्षण अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, देहरादून के विषय विशेषज्ञ व वैज्ञानिक बतौर सदस्य शामिल किए गए हैं।

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