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बदरीनाथ हाईवे पर देर रात तक चला पत्थर हटाने का काम, पड़ावों में फंसे 30 हजार यात्री
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 20 May 2017 03:17 AM IST
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बदरीनाथ हाईवे में शुक्रवार को हाथी पर्वत का एक बड़ा हिस्सा टूटकर आने से राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। इसके चलते बदरीनाथ यात्रा भी रोक ली गई। हाईवे बंद होने से बदरीनाथ सहित विभिन्न पड़ावों में करीब तीस हजार तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। बीआरओ के अधिकारियों ने शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे तक हाईवे को सुचारु करने का दावा किया है।
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बदरीनाथ राजमार्ग में शुक्रवार अपराह्न साढ़े तीन बजे अचानक हाथी पर्वत की तलहटी में चट्टान का एक बड़ा हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस दौरान हाईवे पर कोई यात्रा वाहन नहीं गुजर रहा था।
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पुलिस प्रशासन की ओर से बदरीनाथ धाम सहित यात्रा पड़ाव गौचर, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग, चमोली, पीपलकोटी, जोशीमठ, गोविंदघाट, पांडुकेश्वर और बदरीनाथ में लाउडस्पीकर से तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों में शरण लेने की अपील की गई। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से शाम चार बजे से हाईवे को खोलने का काम भी शुरू कर दिया है। बीआरओ के कमांडर आर सुब्रमण्यम का कहना है कि चट्टान से भारी मात्रा में बोल्डर हाईवे पर आ गए हैं, जिन्हें विस्फोट से तोड़ा जा रहा है। शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे तक हाईवे को सुचारु कर दिया जाएगा।
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स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
हालांकि भारी मलबे और बोल्डरों को देखते हुए हाईवे के दोपहर से पहले खुलने की उम्मीद कम ही दिख रही है। जिलाधिकारी आशीष जोशी का कहना है कि तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया गया है। यात्रा पड़ावों पर रहने और खाने की पर्याप्त सुविधा है। तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। शनिवार को हाईवे सुचारु होने पर तीर्थयात्री गंतव्य को लौट जाएंगे।
सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। गोविंदघाट गुरुद्वारे में पंद्रह सौ यात्रियों और पांडुकेश्वर में पांच सौ यात्रियों को रखा है। सड़क से मलबा हटाने का कार्य तेजी से चल रहा है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
मदन कौशिक, प्रवक्ता, उत्तराखंड सरकार
सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। गोविंदघाट गुरुद्वारे में पंद्रह सौ यात्रियों और पांडुकेश्वर में पांच सौ यात्रियों को रखा है। सड़क से मलबा हटाने का कार्य तेजी से चल रहा है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
मदन कौशिक, प्रवक्ता, उत्तराखंड सरकार