सीओ को बना दिया एसपी का बॉस, आखिर क्यों?
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(स्वीटी अग्रवाल, एसएसपी हरिद्वार- फाइल फोटो)
उत्तराखंड पुलिस से विवाद पीछा छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला हरिद्वार का है। यहां एसएसपी स्वीटी अग्रवाल बुधवार को किसी कार्य से देहरादून पुलिस मुख्यालय पर गई तो अपना चार्ज क्षेत्राधिकारी (सीओ) को दे गईं। जबकि यह एसपी (सिटी) सुरजीत सिंह पंवार को दिया जाना चाहिए था। इससे अजीब स्थिति बन गई। एसपी का बॉस बन गया सीओ।
हालांकि पंवार भी एएसपी रैंक के अधिकारी हैं और उनके पास एसपी (सिटी) का चार्ज है। लेकिन जिस तरह से उन्हें बाईपास कर सीओ को चार्ज दिया गया, इससे पुलिस महकमे में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
कुछ घंटों बाद जब एसएसपी देहरादून से लौट आईं तो इस विसंगति का स्वत समाधान हो गया। लेकिन इसके पीछे की वजह को लेकर चर्चाएं अब भी आम है। आखिर ऐसी कौनसी वजह थी कि सीनियर अधिकारी के मौजूद होते हुए जूनियर अधिकारी को चार्ज दिया गया?
जानिए, क्या हैं नियम और हुआ क्या?
बुधवार को एसएसपी स्वीटी अग्रवाल को सरकारी काम से देहरादून पुलिस मुख्यालय जाना पड़ा। उनके साथ एसपी देहात परमेंद्र डोबाल भी गए थे।
नियमानुसार जब भी पुलिस कप्तान जिले से बाहर होते हैं तो लिखित में चार्ज छोड़ते हैं। तब एसपी देहात या एसपी सिटी पर चार्ज रहता है। इनमें भी जो वरिष्ठ होता है, वही चार्ज लेने का हकदार माना जाता है।
मगर एसपी सिटी सुरजीत सिंह पंवार के होते हुए सीओ राजेश भट्ट को जिले के कप्तान का चार्ज दे दिया गया। संभवत यह पहला मामला होगा जब एक पुलिस अधीक्षक (एसपी) का बॉस उनका जूनियर क्षेत्राधिकारी (सीओ) बन बैठा हो।
बोले अधिकारी
मैं हरिद्वार में ही था पर मेरे पास चार्ज नहीं था। मुझे इसके अलावा कुछ नहीं कहना है।
-एसएस पंवार, एसपी (सिटी)
मुझे इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है। ये पुलिस महकमे का अंदरूनी मामला है।
-स्वीटी अग्रवाल, एसएसपी