श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. रावत का कार्यकाल बढ़ा, रिकॉर्ड सात साल से दे रहे सेवाएं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उदय सिंह रावत का कार्यकाल बढ़ गया है। राज्यपाल एवं विवि की कुलाधिपति बेबी रानी मौर्य ने मंगलवार को आदेश जारी कर दिया है। डॉ. रावत छह माह या नए कुलपति की नियुक्ति तक विवि में बतौर कुलपति सेवा देंगे।
श्रीदेव सुमन विवि की स्थापना के बाद डॉ. यूएस रावत को पहले कुलपति की जिम्मेदारी तत्कालीन कुलाधिपति एवं राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने सौंपी। तब विवि से 35 कॉलेज संबद्ध थे। डॉ. रावत का दूसरा कार्यकाल 31 मई 2016 से शुरू हुआ।
तत्कालीन राज्यपाल एवं विवि के कुलाधिपति डॉ. केके पाल ने उन्हें लगातार दूसरी बार तीन साल के लिए कुलपति की जिम्मेदारी सौंपी। अब 31 मई 2019 को डॉ. रावत का कार्यकाल पूरा होने जा रहा था। ऐसे में अब कुलाधिपति एवं राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने छह माह के लिए उनका कार्यकाल बढ़ा दिया है।
राजभवन की ओर से जारी आदेश के तहत डॉ. रावत को श्रीदेव सुमन विवि अधिनियम 2011 की धारा 10(9) के तहत एक जून से आगामी छह माह तक जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह आदेश विवि में नए कुलपति की चयन प्रक्रिया पूर्ण न होने के चलते किया गया है।
डॉ. रावत इससे पहले भारत सरकार के कीट वैज्ञानिक, बनारस हिंदू विवि में उपकुलसचिव व संयुक्त सचिव, अंबेडकर केंद्रीय विवि लखनऊ में कुलसचिव, गढ़वाल केंद्रीय विवि में कुलसचिव, एचएनबी मेडिकल विवि में कार्यवाहक कुलपति रह चुके हैं।
कम संसाधनों में बड़े काम
श्रीदेव सुमन विवि की स्थापना 2011 के अधिनियम से हुई। विवि के पास प्राइवेट परीक्षाओं की पहली सबसे बड़ी जिम्मेदारी आई। उस वक्त विवि से संबद्ध कॉलेजों की संख्या महज 35 थी। इसके बावजूद गढ़वाल विवि के कॉलेजों से तालमेल बनाकर एक ही सत्र में 1.50 लाख तक छात्रों की प्राइवेट परीक्षाएं कराई गईं। वर्तमान में विवि से करीब 172 कॉलेज संबद्ध हैं।