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त्रिवेंद्र सरकार के बजट में महिलाओं के विकास एवं सशक्तीकरण पर विशेष जोर
Tue, 19 Feb 2019 08:33 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 19 Feb 2019 08:33 AM IST
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trivendra singh rawat
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प्रदेश सरकार पिछले बारह वर्ष से जेंडर बजट का खाका अलग से प्रस्तुत करती है। आगामी वित्तीय वर्ष में जेंडर बजट 20 प्रतिशत बढ़ा है। इसका उद्देश्य महिलाओं के विकास एवं सशक्तीकरण की योजनाओं के क्रियान्वयन पर खर्च किया जाता है।
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सरकारी बजट के लिंग आधारित परिणामों को ज्ञात करने के लिए बजट का विभक्तीकरण जेंडर बजट है। महिलाओं पर केंद्रित योजनाओं में सर्वाधिक बजट प्रावधान शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण के अलावा कृषि और अनुसंधान सेक्टर है।
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सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में जेंडर बजट के तहत 4955.37 करोड़ का प्रावधान किया था, जिसे आगामी वित्तीय वर्ष में बढ़ाकर 6192.89 करोड़ कर दिया है। बजट के अंतर्गत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से दो वर्गों में विभाजित किया है। शत प्रतिशत महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं और बीस प्रतिशत से अधिक भागीदारी वाली योजनाओं को अलग अलग रखा गया है।
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सर्वाधिक प्रावधान शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण व संस्कृति में है। यहां महिलाओं के लिए 2800 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा कृषि एवं अनुसंधान सेक्टर में महिलाएं के लिए संचालित होने वाली योजनाओं पर 2200 करोड़ का प्रावधान किया है। अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए महिलाओं पर 422 करोड़ रुपये खर्च किया जाना है।