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यहां भ्रष्टाचार पर विभागों-उपक्रमों पर कसा शिकंजा, स्पेशल ऑडिट से हड़कंप
राकेश खंडूड़ी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 02 Nov 2017 10:04 AM IST
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भ्रष्टाचार को लेकर त्रिवेंद्र सरकार ने आधा दर्जन विभागों का स्पेशल ऑडिट शुरू कराया है। इन विभागों में खाद्य आपूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड (यूपीआरएनएल), राज्य सहकारी बैंक, सिडकुल, तकनीकी विवि समेत कुछ अन्य विभाग शामिल हैं।
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इन सभी विभागों में भ्रष्टाचार के तमाम मामले सुर्खियों में रहे हैं। कतिपय मामलों में सरकार को शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं। भ्रष्टाचार की हकीकत का पता लगाने के लिए सरकार ने इन प्रकरणों को वित्त विभाग को सौंपा है।
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इन सभी प्रकरणों के ऑडिट की रिपोर्ट दो से तीन महीनों में दिए जाने के निर्देश भी हैं। फाइनल रिपोर्ट आने के बाद जिन प्रकरणों में घोटाले की पुष्टि होगी, उनमें सरकार कड़े फैसले ले सकती है।
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चावल घोटाला
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- फोटो : अमर उजाला
ऊधमसिंह नगर जिले में धान की खरीद और चावल की आपूर्ति में कथित धांधली से 600 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई गई है। इस मामले में संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं को हटा दिया गया था। पांच अधिकारियों पर निलंबन की तलवार लटकी थी और 50 से अधिक कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया था। ये कार्रवाई एसआईटी जांच में उजागर हुए तथ्यों के बाद की गई थी। अब सरकार ने वित्त विभाग को इसकी गहनता से जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
निर्माण योजनाओं में खेल
यूपी सरकार की कार्यदायी एजेंसी यूपी राजकीय निर्माण निगम को राज्य गठन के बाद से दिए गए हजारों करोड़ का कार्य भी जांच के निशाने पर हैं। कोई भी बड़ा एक्शन लेने से पहले सरकार ऑडिट के जरिए भ्रष्टाचार के ठोस तथ्य जुटा लेना चाहती है। निगम पर उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश की प्रक्योरमेंट नियमावली के खुले उल्लंघन का आरोप है। सत्ता में आने के बाद प्रदेश सरकार ने निगम को नए काम दिए जाने पर रोक लगा रखी है। निगम प्रबंधन की ओर से नए कार्यों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है।
सिडकुल भी घेरे में
भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में रहे सिडकुल भी सरकार के निशाने पर है। सरकार को सिडकुल की विभिन्न योजनाओं के आवंटन में भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें यूपी राजकीय निर्माण निगम को दिए गए कार्य भी शामिल हैं। इन सभी प्रकरणों में वित्तीय गड़बड़ियों का पता लगाने का जिम्मा आडिट विभाग को सौंपा गया है।
निर्माण योजनाओं में खेल
यूपी सरकार की कार्यदायी एजेंसी यूपी राजकीय निर्माण निगम को राज्य गठन के बाद से दिए गए हजारों करोड़ का कार्य भी जांच के निशाने पर हैं। कोई भी बड़ा एक्शन लेने से पहले सरकार ऑडिट के जरिए भ्रष्टाचार के ठोस तथ्य जुटा लेना चाहती है। निगम पर उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश की प्रक्योरमेंट नियमावली के खुले उल्लंघन का आरोप है। सत्ता में आने के बाद प्रदेश सरकार ने निगम को नए काम दिए जाने पर रोक लगा रखी है। निगम प्रबंधन की ओर से नए कार्यों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है।
सिडकुल भी घेरे में
भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में रहे सिडकुल भी सरकार के निशाने पर है। सरकार को सिडकुल की विभिन्न योजनाओं के आवंटन में भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें यूपी राजकीय निर्माण निगम को दिए गए कार्य भी शामिल हैं। इन सभी प्रकरणों में वित्तीय गड़बड़ियों का पता लगाने का जिम्मा आडिट विभाग को सौंपा गया है।
नियुक्तियां में धांधली
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उत्तराखंड तकनीकी विवि में नियुक्तियों में भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियां भी जांच के निशाने पर हैं। इन मामलों में प्राप्त हुई शिकायतों पर सीधे कार्रवाई करने से पहले सरकार इनका भी स्पेशल आडिट करा रही है। सूत्रों की मानें तकनीकी विवि के मामले में प्रदेश सरकार का रुख काफी कड़ा है।
राज्य सहकारी बैंक
उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक में कथित वित्तीय गड़बड़ियां भी जांच के निशाने पर हैं। इन गड़बड़ियों का पता लगाने के लिए सरकार ने बैंक के वित्तीय लेन-देन और प्रबंधकीय फैसलों का आडिट कराने का निर्णय लिया था। इसमें उत्तरकाशी और टिहरी सहकारी बैंक शाखा का आडिट भी शामिल किया गया है।
निकायों में भ्रष्टाचार
हरिद्वार जिले के दो निकायों में भ्रष्टाचार की सरकार को कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें रुड़की नगर निगम और मंगलौर नगर पंचायत प्रमुख है। दोनों निकायों में निर्माण कार्यों में धांधली के आरोप हैं। सरकार इन दोनों निकायों के वित्तीय प्रबंधन का विशेष आडिट करा रही है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इसी मंशा से विभागों का स्पेशल ऑडिट करवाने का फैसला किया गया है। दो से तीन महीने में ऑडिट की रिपोर्ट सौंपी जाएगी। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों पर कड़ी कार्रवाई निश्चित है। केवल विशेष अवसरों पर नहीं बल्कि यह प्रक्रिया निरंतर चलाई जाएगी।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)
राज्य सहकारी बैंक
उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक में कथित वित्तीय गड़बड़ियां भी जांच के निशाने पर हैं। इन गड़बड़ियों का पता लगाने के लिए सरकार ने बैंक के वित्तीय लेन-देन और प्रबंधकीय फैसलों का आडिट कराने का निर्णय लिया था। इसमें उत्तरकाशी और टिहरी सहकारी बैंक शाखा का आडिट भी शामिल किया गया है।
निकायों में भ्रष्टाचार
हरिद्वार जिले के दो निकायों में भ्रष्टाचार की सरकार को कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें रुड़की नगर निगम और मंगलौर नगर पंचायत प्रमुख है। दोनों निकायों में निर्माण कार्यों में धांधली के आरोप हैं। सरकार इन दोनों निकायों के वित्तीय प्रबंधन का विशेष आडिट करा रही है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इसी मंशा से विभागों का स्पेशल ऑडिट करवाने का फैसला किया गया है। दो से तीन महीने में ऑडिट की रिपोर्ट सौंपी जाएगी। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों पर कड़ी कार्रवाई निश्चित है। केवल विशेष अवसरों पर नहीं बल्कि यह प्रक्रिया निरंतर चलाई जाएगी।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)