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सोनिया तय करेंगी, रावत के मंत्री क्या करेंगे?
अनूप वाजपेयी/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 04 Feb 2014 09:55 AM IST
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उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री हरीश रावत पुराने मंत्रिमंडल के साथ काम करने को तैयार हैं, लेकिन विभागों को लेकर नयापन दिखाने की कोशिश में हैं।
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मुख्यमंत्री ने बारी-बारी सभी मंत्रियों से उनके विभागों को लेकर बातचीत भी कर ली है। सूत्र बताते हैं कि जो खाका तैयार किया गया है उसमें मंत्रियों के पुराने विभागों में कोई बहुत बड़ा हेरफेर नहीं होने जा रहा है।
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आज विभागों की घोषणा संभव
मुख्यमंत्री के खाते में रहे कुछ विभाग इंदिरा ह्दयेश, यशपाल आर्य, अमृता रावत और प्रीतम सिंह के खाते में जा सकते हैं। कुछ मंत्रियों ने खुद अपने विभाग बदलने की पेशकश की है। कोई विवाद न हो इसके लिए मुख्यमंत्री सोनिया गांधी की मुहर लगवाने दिल्ली गए हैं। मंगलवार को विभागों की घोषणा संभव है।
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इंदिरा ह्दयेश को मिल सकता है पीडब्ल्यूडी
मंत्रियों के विभागों को लेकर सोमवार को भी कोई फैसला नहीं हो सका। विधानसभा में बजट सत्र सुचारू चलाने के लिए एक बार फिर विधायी और संसदीय कार्य विभाग पहले ही तरह इंदिरा ह्दयेश को सौंप दिया गया है।
विभागों का बंटवारा तर्कसंगत ढंग आपस में मेल रखने विभागों के साथ किया जा रहा है। इंदिरा ह्दयेश को पीडब्ल्यूडी जैसा महत्वपूर्ण महकमा मिल सकता है। तिवारी सरकार में यह महकमा उनके ही पास था। हालांकि अमृता रावत की नजर भी इस विभाग पर है।
अमृता रावत को मिलेगा मनपसंद विभाग
मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य के पास कुछ महत्वपूर्ण विभाग ही रहेंगे। ऐसा चुनाव के चलते उनकी व्यस्तता को देखते हुए किया जा रहा है। मंत्री अमृता रावत और उनके सांसद पति सतपाल महाराज ने जिस तरह अपनी ताकत और नाराजगी दिखाई है उससे साफ है कि उन्हें मनपसंद विभाग मिलने जा रहा है।
प्रीतम सिंह के पास लघु सिंचाई हटाकर उसे कृषि के साथ जोड़ा जा सकता है। उनकी नजर राजस्व विभाग को लेकर बताई जा रही है। दिनेश अग्रवाल के पास भी कमोवेश वही विभाग रहने की संभावना है। उनके पास कुछ छोटे विभाग और जोड़ जा सकते हैं।
सहयोगी दल पीडीएफ के मंत्री प्रसाद नैथानी ने विद्यालयी शिक्षा से छुटकारा पाने की बात कही है। हालांकि यह विभाग पीडीएफ के ही किसी मंत्री के पास जा सकता है। सुरेन्द्र राकेश ने अपने स्वास्थ्य के चलते पूर्व विभागों पर सहमति जताई है। हरीश चंद्र दुर्गापाल के विभागों में कुछ परिवर्तन होने की संभावना है।
ताकि हड़ताल प्रदेश न कहा जाए
मुख्यमंत्री हरीश रावत प्रदेश में विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों व संगठनों से जुड़ी समस्याओं के दीर्घकालीन समाधान की योजना तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्री इंदिरा ह्दयेश की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जा रहा है। जो कर्मचारियों से जुड़ी मांगों का निस्तारण करेगी। उनका कहना है कि देश में यह संदेश कतई नहीं जाना चाहिए कि उत्तरखंड हड़ताली प्रदेश है।