ईनाम के लालच में ऐसा फंसा फौजी, लुटा बैठा अपनी और पिता की सारी जमा-पूंजी, पढ़ें और सतर्क रहें
लालच में आकर पढ़ेलिखे लोग भी अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं। ताजा मामले में साइबर ठगों ने ईनाम में कार निकलने का झांसा देकर फौजी से लाखों की ठगी कर ली। इतना ही नहीं फौजी ने अपना और पिता का बैंक खाता, एटीएम पिन भी बता दिया। साइबर ठगों का नंबर बंद आने पर फौजी को ठगी का एहसास हुआ तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
पीड़ित ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को मामले की जानकारी देते हुए तहरीर दी। पुलिस ने मामला साइबर सेल हरिद्वार भेज दिया और केस दर्ज करने की तैयारी में है। पुलिस के अनुसार, राजस्थान निवासी राजू सिकरवार हाल ही में फौज में भर्ती हुए हैं।
वह रुड़की स्थित बीईजी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। करीब एक सप्ताह पूर्व फौजी के मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि वह एक कंपनी से बोल रहा है, जो मोबाइल नंबर का चयन करके उन्हें ईनाम देती है।
बताया कि आपके नंबर का चयन हुआ है और ईनाम में ब्लूटूथ निकला है। इसके बाद कॉल करने वाले ने ईनाम भेजने के लिए फौजी से नाम और पता पूछा। झांसे में आकर फौजी ने नाम, पता बता दिया।
इसके बाद कॉल करने वाले ने दो दिन में ईनाम पहुंचाने की बात कही। अगले दिन फिर उसी नंबर से फौजी के पास कॉल आई और बताया गया कि ब्लूटूथ के साथ एक स्विफ्ट कार भी ईनाम में निकली है।
कार लेने के लिए 40 हजार रुपये देने के साथ ही अपना और पिता का खाता नंबर भी बताना होगा। कार आपके पास पहुंचने के बाद वह यह रकम दोनों के खाते में डाल दी जाएगी। फौजी ने झांसे में आकर अपना और पिता का खाता व एटीएम कार्ड का नंबर बता दिया।
साथ ही 40 हजार में भी उसके खाते में डाल दिए। इसके बाद फौजी के पास तीसरी बार कॉल आई और कुछ रकम खाते में फिर डालने की बात कही। इसके बाद एक-एक कर फौजी के पास कई कॉल आई और खाते में करीब छह लाख रुपये डलवा लिए गए।
ठगों ने एक सप्ताह दो दिन के अंदर कार उनके पते पर पहुंचने की बात कही। दो दिन बाद कार नहीं पहुंची तो फौजी ने उक्त नंबर पर कॉल की, लेकिन वह बंद था। इसके बाद फौजी को ठगी का एहसास हुआ। रविवार को फौजी ने सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी। एसएसआई अभिनव शर्मा ने बताया कि मामले को साइबर सेल भेजने के साथ केस दर्ज करने की तैयारी है।