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बेटियों के प्रति समाज को पुरातन सोच बदलने की जरूरत

Tue, 05 Nov 2019 12:57 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 05 Nov 2019 12:57 AM IST
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Society needs to change archaic thinking towards daughters
एसजीआरआर सहसपुर में बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की शपथ लेती छात्राएं। - फोटो : VIKAS NAGAR
बाल विकास विभाग की ओर से सहसपुर स्थित श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज सहसपुर में बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ कार्यक्रम के तहत बेटियों के बीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छात्रों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शपथ दिलवाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बाल विकास परियोजना अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने किया। उन्होंने कहा कि आज बेटियां समाज के हर क्षेत्र में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। समाज को पुरातन सोच से निकलकर उन्नति के मार्ग पर चलना चाहिए। समय-समय पर बेटियां समाज में बेटी, मां, दादी, नानी के रूप में अपना अस्तित्व बनाए हुए हैं और प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापिन कर रही हैं। आज भी समाज में बेटियों के साथ भेदभाव किया जाता है। जिसे समाप्त करने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है।
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प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार सैनी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर गीत प्रस्तुत कर भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया। विभागीय सुपरवाइजर ममता लेख ने नंदा गौरी, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना की जानकारी दी। इस अवसर पर इंद्रा शाह, गीता डिमरी, मंजू पुंडीर, फूल देवी, कमलेश, अनीता पटवाल, अनीता कांबोज, रेखा भंडारी आदि मौजूद रहे।
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