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नेताओं के चहेतों को पकड़ने से घबराते हैं अफसर
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 16 Sep 2014 11:49 AM IST
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देहरादून में वृद्धावस्था, विकलांग और विधवा पेंशन के फर्जी लाभार्थियों के पकड़े जाने पर नेता कहीं नाराज न हो जाएं, इस डर से अफसर फील्ड में जाने से कतरा रहे हैं।
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अपने चहेतों को दिला दिए पेंशन पट्टे
पेंशन की रकम दोगुना होने पर नेताओं ने अपने चहेतों को पेंशन पट्टे दिलवा दिए हैं। इसके साथ ही जो पात्र मर गए हैं, उन्हें भी पेंशन भेजी जा रही है। इस मामले में सत्यापन के लिए मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने जितनी सख्ती की है, अफसर उतनी सुस्ती दिखा रहे हैं।
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जिलाधिकारी को भेजे गए मुख्य सचिव सुभाष कुमार के 20 अगस्त के पत्र में कहा गया था कि पेंशन की राशि बढ़ने के बाद से फर्जी पेंशन पट्टा धारकों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसके साथ ही मृतकों को पेंशन भेजी जा रही है। इसका जनपद स्तर पर भौतिक सत्यापन नहीं किया जा रहा है।
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मुख्य सचिव के पत्र में शहरी क्षेत्र में एसडीएम, तहसीलदार और ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी के माध्यम से सत्यापन कराने के लिए कहा गया था। विभागीय सूत्रों का कहना है कि पेंशन की धनराशि बढ़ने के बाद नेताओं ने अपने समर्थकों को पेंशन पट्टा दिला दिया।
इससे पेंशन लाभार्थियों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। अगर अधिकारी मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे तो फर्जी पट्टा धारक पकड़े जाएंगे। इस पर नेता बेवजह बवाल शुरू कर देंगे। इस डर से अधिकारी मौके पर सत्यापन करने में हीलाहवाली कर रहे हैं।
मुख्य सचिव के पत्र में यह भी निर्देश दिए गए थे कि सत्यापन के लिए नामित अधिकारी से उसके तैनाती स्थल वाले क्षेत्र में कतई सत्यापन न कराया जाए। सत्यापन दूसरे क्षेत्र में तैनात अधिकारी, कर्मचारी करे।
इस आदेश का पालन तो दूर अधिकारी, कर्मचारी क्षेत्र में गए ही नहीं। इस संबंध में एसडीएम मोहन सिंह बर्निया का कहना है कि सत्यापन कराया जा रहा है। लाभार्थियों की संख्या अधिक है, इससे समय लग सकता है।
बांटे 70 हजार, लौटा एक नहीं
वृद्धावस्था, विकलांग और विधवा पेंशन के लाभार्थियों के सत्यापन के लिए समाज कल्याण विभाग ने जिले में 70 हजार फार्म बंटवा तो दिए, लेकिन अंतिम तिथि तक एक भी सत्यापित फार्म विभाग को नहीं मिला। अब तारीख बढ़ाने के लिए प्रमुख सचिव को पत्र भेजा गया है।
शासन के आदेश पर शहरी क्षेत्रों में तहसीलदारों और ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारियों को फार्म सत्यापित कराने थे। समाज कल्याण विभाग ने फार्म भिजवा दिए थे। कई लाभार्थी खुद विभागीय कार्यालय आकर फार्म ले गए थे। पूरे जिले में 70 हजार फार्म बंटे।
सोमवार को ये फार्म जमा होने की अंतिम तिथि थी। लेकिन तहसीलों और ब्लाकों से एक भी सत्यापित फार्म विभाग को नहीं मिला। जिला समाज कल्याण अधिकारी राम अवतार सिंह ने बताया कि सोमवार को 150 लाभार्थियों ने खुद आकर फार्म जमा कराए। लेकिन इनमें भी कोई सत्यापित नहीं था।
इन सभी फार्मों को संबंधित तहसीलों और ब्लाकों को भेजा गया है। बताया कि प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर फार्म जमा करने की तारीख 30 सितंबर तक बढ़ाने के लिए अनुरोध किया है। बताया कि सभी फार्म आते ही विभाग इन्हें ऑनलाइन कर देगा।