बर्फ से लकदक हुईं उत्तराखंड की पहाड़ियां
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गणतंत्र दिवस के मौके पर उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में ऊंची पहाड़ियों पर जमकर बर्फबारी हुई। बर्फबारी का यह सिलसिला मंगलवार सुबह थमा। इससे ठंड एक बार फिर बढ़ गई है।
उत्तरकाशी जिले के निचले हिस्सों में बारिश और ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मंगलवार को बारिश बर्फबारी का सिलसिला थमने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की चादर बिछी हुई है। सुक्की, हर्षिल, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरकीदून क्षेत्र पूरी तरह बर्फ से लकदक हैं।
केदारधाम में मंगलवार सुबह आठ बजे तक बर्फबारी होती रही। धाम में सवा दो फीट ताजी बर्फ गिरी है। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि मंगलवार को हेलीपैड तक गिरी ताजी बर्फ हटाने का कार्य किया गया।
प्रकृति की सुंदरता से अभिभूत हुए सैलानी
चमोली जिले में बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब के अलावा अन्य पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई। जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर सोमवार को मौसम का छठा हिमपात हुआ। चकराता छावनी बाजार में भी सोमवार की देर रात बर्फ की फुहारें पड़ीं।
उत्तरकाशी में बर्फबारी के बाद हर्षिल गंगोत्री क्षेत्र का नजारा करने पहुंचे दिल्ली के कार्तिक विरमानी, प्रीतम सिंह, तान्या और कोमल यहां की सुंदरता से अभिभूत नजर आए। उन्होंने बताया कि इन्हीं सर्दियों में वे लोग तीसरी बार यहां आए हैं।
सैलानियों को घुमाने ले गए वेयर ईगल्स डेयर एजेंसी के संचालक तिलक सोनी ने बताया कि डबराणी से आगे गंगोत्री हाईवे बर्फ से पटा हुआ है। यहां फिसलन भरी सड़क पर यातायात जोखिम भरा है।