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मौसम साफ लेकिन दुश्वारियां नहीं कम, बर्फबारी बनी मुसीबत

Tue, 29 Jan 2019 08:52 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 29 Jan 2019 08:52 AM IST
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snowfall in Uttarakhand problem in uttarakhand
snowfall
मौसम साफ तो हुआ, लेकिन दुश्वारियां अभी भी कम नहीं हुई है। बर्फबारी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
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मौसम साफ तो हुआ, लेकिन दुश्वारियां अभी भी कम नहीं हुई है। बर्फबारी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। केदारनाथ में मौसम साफ रहा और दिनभर चटक धूप खिली रही। धाम में अधिकतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम माइनस 11 डिग्री सेल्सियस रहा। यहां साढ़े सात से आठ फीट बर्फ मौजूद है। जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में भी मौसम सुहावना रहा।  

सोमवार को सुबह से आसमान साफ रहा। इस दौरान धाम में चटक धूप खिली रही, जिससे शीत लहर का प्रकोप बीते दिनों की अपेक्षा कम रहा। कार्यदायी संस्था वुड स्टोन के टीम प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि अगर, दो दिनों तक मौसम साफ रहा तो, पुनर्निर्माण कार्य पुन: शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। बताया कि मंदिर की छत पर दो फीट बर्फ की परत जमी हुई है। अन्य भवनों की भी यही स्थिति है।
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परिसर सहित मंदिर मार्ग, हेलीपैड सहित रुद्रप्रयाग प्वाइंट तक साढ़े सात से 8 फीट तक बर्फ है। आठ दिन से बिजली, पानी और संचार सेवा ठप पड़ी है। बिजली के अभाव में निर्माणाधीन आवासीय भवनों के अंदर के कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। धाम में मौजूद मजदूर बर्फ पिघलाकर पानी उपयोग में ला रहे है। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित निचले इलाकों के अलावा जनपद के बर्फ प्रभावित ऊंचाई वाले गांवों में भी मौसम दिनभर सुहावना है।
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यहां चटक धूप खिली रही, जिस पर गांवों में लोगों ने राहत की सांस ली। अभी भी यहां स्थिति सुधरी नहीं हैं। त्रियुगीनारायण, तोषी, गौंडार, चौमासी, चिलौंड, पेंज, करोखी, मक्कू सहित अन्य प्रभावित गांवों के पैदल मार्गों के बाधित होने के साथ ही बिजली, पानी, संचार सेवा अब भी बदहाल है। दूसरी तरफ जनपद में मयाली-घनसाली, सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण, पलद्वाड़ी-मक्कूमठ, कोट-बधाणीताल, बांसवाड़ा-मोहनखाल और रुद्रप्रयाग-पोखरी संपर्क मोटर मार्ग कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे अब भी बंद पड़े हुए हैं।  

चमोली जिले के 150 गांव अभी भी बर्फ में कैद

snowfall in Uttarakhand problem in uttarakhand
snowfall

चमोली जिले में बर्फबारी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के करीब डेढ़ सौ गांव अभी भी बर्फ से ढके हुए हैं। सड़कों और पैदल रास्तों में बर्फ जमी होने से लोगों को मीलों पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है।

निजमूला घाटी के प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल पगना के परिसर में करीब दो फीट बर्फ जमी है।  रुद्रप्रयाग-मोहनखाल-पोखरी मोटर मार्ग पर कनकचौंरी से मोहनखाल तक छह किमी हिस्से में करीब तीन फीट बर्फ होने से पोगठा, गोदी, गिंवाला, सरणा, चनकचौंरी, मोहनखाल के ग्रामीण पैदल आवाजाही कर रहे हैं। शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मीलों दूरी पैदल तय कर विद्यालय तक पहुंच रहे हैं।  

पोगठा गांव के ग्रामीण बीरबल सिंह नेगी का कहना है कि ग्रामीण छह किमी बर्फ में चलकर मोहनखाल पहुंच रहे हैं। सड़क खोलने के लिए लोनिवि की ओर से एक जेसीबी लगाई गई है। घाट क्षेत्र के सबसे दूरस्थ गांव रामणी, सरपाणी, भेंटी, बंगाली, सुतोल, कनोल, पडेरगांव, ल्वाणी, कुमजुग क्षेत्र में भी पैदल और सड़क मार्ग बर्फ से ढके हुए हैं। माहेश्वरी देवी, कमला, संगीता, राजेश्वरी और सरोजनी का कहना है कि खेतों में भी करीब दो फीट बर्फ जमी हुई है, जिससे मवेशियों को चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है।  

सड़क और पैदल रास्तों को खोलने के लिए लोनिवि और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। दूरस्थ गांवों में राशन की कोई समस्या नहीं है। बर्फबारी से पहले ही गांवों में एडवांस रसद पहुंचा दी गई थी। औली मोटर मार्ग को स्नो कटर मशीन और जेसीबी से खोला जा रहा है। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।  
-मोहन सिंह बर्निया, एडीएम, चमोली  

एक सप्ताह बाद हर्षिल से सकुशल लौटे पर्यटक

उत्तरकाशी में करीब एक सप्ताह की कड़ी मशक्कत के बाद बीआरओ ने गंगोत्री हाईवे पर हर्षिल तक यातायात बहाल कर लिया है। हाईवे खुलने पर बीते एक हफ्ते से हर्षिल में फंसे पर्यटकों को सकुशल निकाला गया है। मुंबई, यूपी व गुजरात के 11 पर्यटकों को सुरक्षित जिला मुख्यालय पहुंचा दिया गया है। विगत 21 जनवरी की शाम को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का लुत्फ लेने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से करीब दो दर्जन पर्यटक हर्षिल पहुंचे थे। इसके बाद बर्फबारी का सिलसिला निरंतर जारी रहने के कारण गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया, जिसके चलते सभी पर्यटक हर्षिल में ही फंस गए। हालांकि जिला प्रशासन ने सभी पर्यटकों को गढ़वाल मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह में ठहराकर उनके लिए भोजन आदि की व्यवस्था करा दी थी।

इस बीच बीआरओ के जवानों ने कड़ी मशक्कत करके गंगोत्री हाइवे पर सोमवार को हर्षिल तक यातायात बहाल कर दिया, जिसके बाद सभी पर्यटकों को सकुशल जिला मुख्यालय पहुंचा दिया गया। हर्षिल से आगे भैरोंघाटी तक भी हाईवे से बर्फ हटा दी गई है, लेकिन इस हिस्से में भारी बर्फ और पाले के साथ ही एवलांच आने के खतरे को देखते हुए फिलहाल वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं की गई है। एसडीएम भटवाड़ी देवेंद्र नेगी ने बताया कि मुंबई के सात, यूपी के तीन व गुजरात के एक पर्यटक को हर्षिल से सकुशल उत्तरकाशी मुख्यालय पहुंचा दिया गया है, जबकि शेष 10 पर्यटकों ने कुछ और दिन प्रकृति का लुत्फ लेने के लिए हर्षिल में ही ठहरने की इच्छा जताई है। जिस कारण उन्हें जीएमवीएन के पर्यटक आवास गृह में ही ठहराया गया है।

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