उत्तराखंड में मंगलवार को फिर से मौसम ने करवट ली। राजधानी देहरादून समेत गढ़वाल और कुमाऊं में बारिश ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी। वहीं, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण कई जगह रास्ते बंद हो गए हैं। वहीं कई जिलों में स्कूलों में 29 जनवरी को छुट्टी भी घोषित कर दी गई है। तस्वीरें देखिए...
चमोली जिले में 25 गांव फिर बर्फ से ढक गए हैं। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री हाईवे और चमोली जिले में जोशीमठ-औली व जोशीमठ-तपोवन-मलारी मार्ग सहित कई सड़कें बाधित हो गई हैं। चमोली जिले में बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, नंदा घुंघटी, रुद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, औली के साथ ही अन्य ऊंचाई वाले स्थानों में जमकर बर्फबारी हुई। बदरीनाथ धाम में आधा फीट और हेमकुंड साहिब में डेढ़ फीट तक ताजी बर्फ जम गई है।
फूलों की घाटी को जाने वाला तीन किलोमीटर का ट्रेक भी पूरी तरह बर्फ से ढक गया है। लगभग 25 गांवों में पैदल रास्ते, खेल-खलियान भी बर्फ से ढक जाने से लोगों के सामने आवाजाही और मवेशियों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। बर्फबारी से हनुमान चट्टी-माणा, चमोली-मंडल-ऊखीमठ, जोशीमठ-औली और जोशीमठ-तपोवन-मलारी सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। निचले क्षेत्रों में शाम तक बारिश जारी रही।
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित हर्षिल, सुक्की, जानकीचट्टी, खरसाली आदि समुद्र सतह से ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला दोबारा शुरू हो गया है। जिला मुख्यालय समेत तमाम निचले क्षेत्रों में सुबह से शाम तक बारिश जारी रही। ताजा बारिश के चलते जिला मुख्यालय पर अधिकतम तापमान 9 डिग्री और न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि बर्फबारी वाले इलाकों में पारा शून्य से लेकर माइनस तीन डिग्री तक रहा। ताजा बर्फबारी के कारण गंगोत्री हाईवे पर सुक्की टॉप से आगे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। बीआरओ की टीम लगातार बर्फ हटाने में जुटी है।
केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, चोपता, बनियाकुंड, दुगलबिट्टा में मंगलवार तड़के से शुरू हुई बर्फबारी देर शाम तक जारी रही। केदारनाथ धाम में पहले से दस फीट से अधिक बर्फ मौजूद है। चोपता और अन्य स्थान भी बर्फ से लकदक बने हुए हैं। दोपहर बाद से जनपद के ऊंचाई वाले गांवों, चौमासी, चिलौंड, तोषी, त्रियुगीनारायण में भी बर्फबारी शुरू हो गई। निचले इलाकों में बारिश होने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बाजारों में चहलकदमी कम रही।