7 साल पहले केदारधाम में हुई थी ऐसी बर्फबारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केदारधाम में अबकी मौसम का मिजाज कुछ बदला-सा है। बर्फबारी की वजह से यात्रा रुक चुकी है।
जानकारों की मानें तो केदारधाम में मई माह में इस तरह की बर्फ तकरीबन सात साल बाद पड़ रही है। चार धाम यात्रियों के लिहाज से भले ही यह बर्फ परेशानी की एक बड़ी वजह बनी हो।
लेकिन ग्लेशियरों के मद्देनजर वह इस बर्फबारी को बेहतर बता रहे हैं। वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के ग्लेशियर विशेषज्ञ डॉ. डीपी डोभाल इसे प्री-मानसून बर्फबारी करार देते हैं।
2007 में भी मई के महीने हुई थी ऐसी बर्फबारी
डॉ. डीपी डोभाल के मुताबिक बारिश का अधिक होना भी इसका एक कारण है। 2007 में भी मई के महीने में जो बर्फबारी हुई थी, वह भी इसी तरह का सीजन बने रहने के चलते हो रही थी।
उनकी मानें तो जून माह में मानसून के दौरान होने वाली बारिश के चलते औसत रूप से 5000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखने को मिलती है।
अबकी हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) पहले ही साफ कर चुका है कि इस बार मानसून में तकरीबन पांच फीसदी की कमी देखने को मिल सकती है।
किया जाएगा धार्मिक अनुष्ठान
श्री केदार विश्व शांति सद्भावना एवं जनकल्याण भागवत समिति की ओर से आपदा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए त्रिजुगीनारायण में धार्मिक आयोजन किया जाएगा।
सोमवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में आयोजन समिति केअध्यक्ष ओमप्रकाश उनियाल ने बताया कि 27 जून को त्रिजुगीनारायण में विशाल नारायण-बलि कार्यक्रम होगा।
28 जून से 7 जुलाई तक श्रीमद्भावगत, शिवमहापुराण और श्रीमद्देवी भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
इस महायज्ञ के दौरान सोनगंगा और मंदाकिनी नदी केसंगम तट पर 51 पंडितों द्वारा 108 गायों का दान किया जाएगा साथ ही जल-यात्रा निकाली जाएगी।
रफ्तार पकड़ रही गंगोत्री, यमुनोत्री धाम की यात्रा
बदहाल यात्रा मार्ग समेत अन्य दुश्वारियों के बावजूद यमुनोत्री-गंगोत्री धाम पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है।
हल्की बारिश के साथ खुशगवार हुआ मौसम तीर्थयात्रियों को खूब भा रहा है। शुरुआती दस दिनों में ही 3286 तीर्थयात्री यमुनोत्री तथा 4165 यात्री गंगोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं।
बीते साल की आपदा और अभी तक यात्रा व्यवस्थाएं चाक चौबंद नहीं होने से इस बार चार धाम यात्रा पर संदेह के बादल मंडरा रहे थे, लेकिन तमाम अव्यवस्थाओं पर धामों के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था भारी पड़ रही है।
यमुनोत्री-गंगोत्री यात्रा मार्ग बदहाल होने के बावजूद तीर्थयात्री इन धामों में पहुंच रहे हैं। इन दिनों रोजाना हो रही हल्की बारिश से यहां मौसम भी खुशगवार बना हुआ है।