दस दिन से बंद थल-मुनस्यारी मार्ग, कालामुनी से बेटुलीधार तक बने 15 से 20 फीट ऊंचे बर्फ के पहाड़
- हिमखंड गिरने का खतरा, 12 किमी हिस्सा अब भी बर्फ से है पटा हुआ
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उत्तराखंड में हाल में हुई बर्फबारी सरकारी तंत्र पर भारी पड़ गई है। सरकारी अमला 10वें दिन भी थल-मुनस्यारी सड़क से बर्फ नहीं हटवा पाया। लोनिवि 20 किमी में से केवल 8 किमी हिस्से से बर्फ हटा पाया है। मुनस्यारी की ओर से बर्फ हटाने के लिए रोबोट लगाया गया है।
कालामुनी से बेटुलीधार तक 15 से 20 फीट ऊंचे बर्फ के पहाड़ बन गए हैं। यहां हिमखंडों के गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं, सोमवार को मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान माइनस 2 और अधिकतम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि पिथौरागढ़ का न्यूनतम तापमान 5.3 और अधिकतम तापमान 17 रहा।
थल-मुनस्यारी मार्ग पर कालामुनि की ओर से बर्फ हटाने के लिए दो जेसीबी लगाई गईं थीं। इनमें से एक खराब हो गई है। कालामुनि क्षेत्र में 6 से 7 फीट तक बर्फ सड़क पर है जिसे हटाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। कालामुनि के पास ज्बा बैंड से कालामुनी के बीच 500 मीटर हिस्से में बर्फ की टीला खड़ा है।
मुनस्यारी की ओर से बर्फ हटाने के लिए रोबोट लगाया गया है। पातलथौड़ के पास 4 फीट तक बर्फ सड़क पर जमा है। रोबोट बर्फ हटाने में असहाय साबित हो रहा है क्योंकि यह बर्फ में फंस जा रहा है। रोबोट लगातार बर्फ में फंस रहा है।
पानी की लाइन जमी, गंभीर जल संकट
लोनिवि के अवर अभियंता महेश कुमार का कहना है कि बर्फ हटाने के लिए एक निजी पोकलैंड मशीन लगाई जा रही है। उनका कहना है कि मौसम साथ देगा तो मंगलवार शाम या बुधवार तक सड़क खोल दी जाएगी। कांग्रेस के प्रदेश सदस्य मनोहर टोलिया ने मंगलवार तक सड़क न खुलने और गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल न होने पर बुधवार से तहसील मुख्यालय में अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
तापमान गिरने से मुनस्यारी की पानी की लाइनें जम गई हैं। मुनस्यारी में गंभीर जल सकट पैदा हो गया है। मुनस्यारी के आसपास के 15 गांवों की बिजली 7वें दिन भी बहाल नहीं हुई है। ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था बहाल न होने से हजारों की आबादी बगैर बिजली के रात काट रही है। मुनस्यारी बाजार में लो वोल्टेज की वजह से उपभोक्ता परेशान हैं। बिजली न होने से पोस्ट आफिस, तहसील, ब्लॉक के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बीएसएनएल की संचार सेवा 9 दिन से ठप है। संवाद
बर्फबारी के कारण मर रहे लावारिस जानवर
भारी बर्फबारी के कारण पड़ रही ठंड के कारण क्षेत्र में लावारिस छोड़े गए, गाय, बैल मर रहे हैं। अब तक एक दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हो गई है। पातलथौड़, बस स्टेशन, सरमोली बैंड, मदकोट चौराहा, बेटुलीधार, ज्बा बैंड के आस-पास जानवरों के शव पड़े हुए हैं। संवाद
एसडीएम ने ली अधिकारियों की बैठक
एसडीएम भगत सिंह फोनियां ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर सड़क को खोलने के लिए और संसाधान लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए। पानी की लाइनों की भी मरम्मत करने को कहा। एसडीएम ने कहा कि वह सारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। जल्द व्यवस्था बहाल की जाएगी।
गौला गांव में एक सप्ताह से बिजली नहीं
बर्फबारी के कारण होकरा क्षेत्र के गौला गांव में 7 जनवरी से बिजली नहीं है। बिजली न होने से लोगों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए होकरा आना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान मोहन सिंह ने कहा कि बर्फबारी के कारण जंगलों से हिंसक जानवर गांव की सीमा में पहुंचने लगे हैं। जंगली जानवर ग्रामीणों के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने गौला की बिजली बहाल करने की मांग की है।