फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Single Use Plastic ban Don't Confuse About Micron, Read This Important Information

अमर उजाला संवाद: सिंगल यूज प्लास्टिक, माइक्रोन को लेकर न हों कन्फ्यूज, पढ़ें ये जरूरी जानकारी

Tue, 01 Oct 2019 12:42 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 01 Oct 2019 12:42 PM IST
सार

  • दो अक्तूबर से नहीं चलेगा पांच तरह का प्लास्टिक  
  • अमर उजाला संवाद में मेयर और नगर आयुक्त ने प्लास्टिक को लेकर साफ की स्थिति, कहा - गांधीगीरी से खत्म करेंगे पॉलिथीन

विज्ञापन
Single Use Plastic ban Don't Confuse About Micron, Read This Important Information
विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दो अक्तूबर से देहरादून में पॉलिथीन और प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद होने जा रहा है। हालांकि इसके लिए केंद्र या राज्य सरकार की तरफ से अब तक कोई नोटिफिकेशन तो जारी नहीं किया गया, नगर निगम खुद इसकी पहल कर रहा है। वहीं व्यापारी वर्ग सिंगल यूज प्लास्टिक, माइक्रोन (थैली की मोटाई) को लेकर कन्फ्यूज है। कौन सा प्लास्टिक इस्तेमाल होगा? किस पर कार्रवाई होगी? यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। अमर उजाला कार्यालय पटेलनगर में सोमवार को आयोजित संवाद में इसी विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। 

विज्ञापन


संवाद में मेयर सुनील उनियाल गामा और नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि बैन या इस्तेमाल रोकने के लिए आम आदमी से सहयोग मांगा जा रहा है। निगम गांधीगीरी के जरिये आम लोगों से प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने की अपील कर रहा है। सब जानते और मानते हैं कि प्लास्टिक हमारे लिए बेहद खतरनाक हैं। इसलिए ज्यादातर लोग सहयोग भी कर रहे हैं। दो अक्तूबर से शहर में सिंगल यूज पॉलिथीन का इस्तेमाल रोकने के लिए पांच चीजों से शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर तरह का प्लास्टिक और पॉलिथीन का इस्तेमाल पूरी तरह रोका जाएगा। 

विज्ञापन

क्या है सिंगल यूज प्लास्टिक

सिंगल यूज प्लास्टिक वह है, जिसका प्रयोग केवल एक ही बार किया जाए। इसमें प्लास्टिक की थैलियां, प्लेट, ग्लास, चम्मच, बोतलें, स्ट्रॉ और थर्माकोल शामिल हैं। इनका एक बार इस्तेमाल के बाद फेंक दिया जाता है। इस प्लास्टिक में पाए जाने वाले केमिकल पर्यावरण के साथ ही लोगों के लिए काफी घातक हैं। 

कल से नहीं चलेगा पांच तरह का यह प्लास्टिक   
- पॉलिथीन और प्लास्टिक के कैरी बैग
- प्लास्टिक के डिस्पोजेबल प्लेट, ग्लास
- मिनरल वाटर की बोतलें
- थर्मोकोल के प्लेट, ग्लास व अन्य बर्तन
- कोल्ड ड्रिंक पीने में इस्तेमाल होने वाली स्ट्रॉ 

गोवंश की हो रही मौत
सड़कों पर पड़ी प्लास्टिक खाकर गोवंश की मौत हो रही है। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि कुछ दिनों पहले दो गोवंश की मौत के बाद उनका पोस्टमार्टम कराया गया था। उनके पेट की स्थिति देखकर सब आश्चर्यचकित रह गए। एक गोवंश के पेट से 35 से 40 और दूसरे गोवंश के पेट से 25 से 30 किलो प्लास्टिक निकली थी। 

इन विकल्पों का करें इस्तेमाल 
- प्लास्टिक की जगह पेपर के बने स्ट्रॉ का प्रयोग कर सकते हैं। 
- प्लास्टिक की पानी के बोतलों के स्थान पर कॉपर, शीशा या धातु की बोतलों का प्रयोग करें। 
- प्लास्टिक के कप की जगह पेपर से बनी प्याली का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- प्लास्टिक के स्थान पर जूट या कागज से बनी थैली का प्रयोग कर सकते हैं।
- प्लास्टिक के स्थान पर स्टील के चाकू, चम्मच का इस्तेमाल कर सकते हैं। लकड़ी के चम्मच भी मार्केट में उपलब्ध है। 
 

‘नुकसान उठा लूंगा, पर प्लास्टिक इस्तेमाल नहीं करूंगा’ 

युवा कारोबारी सचिन नारंग ने अमर उजाला संवाद में बताया कि उन्होंने अपने रेस्टोरेंट में प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैं हर महीने 70 से 80 हजार रुपये का नुकसान उठा लूंगा, पर प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करूंगा। उन्होंने संवाद के दौरान बताया कि पर्यावरण को देखते हुए नेहरू कॉलोनी स्थित चिलीज प्रीमियम रेस्टोरेंट में सिंगल यूज प्लास्टिक से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। कहा कि शहरवासियों का स्वास्थ्य पहले है।

लोग चाहे जितने दावे कर लें, प्लास्टिक में पैक होने वाले खाद्य पदार्थ में प्लास्टिक के खतरनाक कण मिलते ही हैं, जो कैंसर जैसी घातक बीमारी को जन्म देते हैं। आज बाजार में बायो डिग्रेडेबल प्लेट, थाली, चम्मच, कप आदि आ रहे हैं। हालांकि अभी इनकी कीमत अधिक है, लेकिन अधिक उत्पादन होने पर ये प्लास्टिक से बने उत्पादों के बराबर आ जाएंगे। उनके मुताबिक उन्हें सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने के चलते हर महीने हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो जाएगी। बताया कि वह अन्य लोगों को भी सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद करने की अपील कर रहे हैं। 

गन्ने की भूसी का डिब्बा बेहतर विकल्प 
सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर गन्ने की भूसी का डिब्बा बेहतर विकल्प है। दून में इसकी सप्लाई करने वाले पेपर एंड प्लास्टिक के मालिक सुनील माटा बताते हैं कि गन्ने की भूसी से बने चम्मच, प्लेट, डिब्बा आदि का प्रयोग दुकानदार और व्यवसायी तेजी से कर रहे हैं। बीते एक महीने से इसकी काफी डिमांड बढ़ी है। पहले गन्ने की भूसी का एक डिब्बे की कीमत 15 रुपये थी। अब अधिक उत्पादन होने के चलते एक डिब्बा साढ़े सात रुपये में बिक रहा है। सिंगल यूज प्लास्टिक बंद होने से इसका उत्पादन अधिक होगा। ऐसा होने से इसकी कीमत और कम होने की संभावना है। 

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें : https://www.facebook.com/AuNewsDehradun/

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed