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Dehradun News: उत्तराखंड का पहला बाल मित्र थाना है डालनवाला कोतवाली

Sat, 23 Sep 2023 12:46 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 23 Sep 2023 12:46 AM IST
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Since the British era, Dalanwala used to guard the
आजादी से एक साल पहले बना था डालनवाला थाना, बाद में रायपुर इसके क्षेत्र में बना
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अंग्रेजों के जमाने से ही वीआईपी क्षेत्र की सुरक्षा का था जिम्मा, अब कई संस्थान हैं क्षेत्र में



अंग्रेजों के जमाने से ही डालनवाला कोतवाली वीआईपी क्षेत्र की रखवाली करता था। अंग्रेजों की बड़ी-बड़ी कोठियां इसी क्षेत्र में बनी हुई हैं। अब भी इस क्षेत्र में केंद्रीय और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान आते हैं। डालनवाला कोतवाली में ही उत्तराखंड का पहला बाल मित्र थाना स्थापित हुआ, जिसे डीजीपी अशोक कुमार ने डिजाइन किया है।



डालनवाला कोतवाली का इतिहास आजादी से एक साल पहले का है। सितंबर 1946 में इसे थाना बनाया गया था। इससे पहले यह क्षेत्र देहरादून के सबसे पहले थाने राजपुर में आता था। राजपुर थाने की यह चौकी हुआ करती थी। इसके बाद 1947 में इसके लिए करीब आधा एकड़ में भवन बनाया गया। वर्ष 2008 में इसे खंडहर घोषित कर नया भवन बनाया गया। कालांतर में जब जनसंख्या और रिहायश बढ़ी तो इसके क्षेत्र से काटकर रायपुर और नेहरू कॉलोनी थाना बना दिया गया।
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वर्तमान में यह थाना सालभर जनाक्रोश को थामता रहता है। मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय को जाने वाले सभी रास्ते इसी थाना क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में साल भर होने वाले कूच और प्रदर्शनों को थामने की सबसे पहले जिम्मेदारी डालनवाला कोतवाली के पास ही होती है। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण संस्थान इस थाना क्षेत्र में आते हैं। इनमें सर्वे ऑफ इंडिया, फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया, जल सर्वेक्षण विभाग, जिला अस्पताल, सीएसडी आदि शामिल हैं। इस थाने की चार चौकियां हाथीबड़कला, नालापानी, आराघर और करनपुर हैं।
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नाबालिगों और महिलाओं की होती है काउंसलिंग



2021 में इस थाने को बाल मित्र थाने के रूप में भी स्थापित किया गया। इस थाने में क्षेत्र में अपराध में शामिल और पीड़ित नाबालिगों की काउंसलिंग होती है। किसी अपराध का शिकार हुई महिलाओं की भी यहां पर काउंसलिंग की जाती है। इस थाने के उद्घाटन के बाद ही प्रदेश में अन्य 12 जिलों में भी बाल मित्र थाने बनाए गए।
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