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सिलक्यारा सुरंग हादसा: एक साल बाद विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने कही मन की बात, सफल ऑपरेशन के पीछे बताई ये वजह
Fri, 29 Nov 2024 02:35 PM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 29 Nov 2024 02:35 PM IST
सार
उत्तरकाशी में पिछले साल दीपावली के त्योहार के दिन सिलक्यारा सुरंग हादसा हुआ था, जिसके चलते सुरंग के अंदर फंसने से 41 श्रमिकों की दिवाली काली हो गई थी।
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अर्नोल्ड डिक्स
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
सिलक्यारा सुरंग हादसे के एक साल बाद अंतरराष्ट्रीय सुरंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने अपने मन की बात कही। डिक्स ने कबूल किया कि सिलक्यारा सुरंग ऑपरेशन तकनीकी विशेषज्ञता से ज़्यादा विश्वास पर आधारित था।
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सिलक्यारा सुरंग खोदने वाले अर्नोल्ड डिक्स ने यह साहसिक वादा किया था कि उत्तराखंड में निर्माणाधीन सिल्कयारा बेंड-बरकोट सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को क्रिसमस तक सुरक्षित बचा लिया जाएगा, जिससे संकट के समय हर भारतीय में उम्मीद जगी थी।
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तकनीकी विशेषज्ञता से ज़्यादा विश्वास पर था आधारित
पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने एक साल बाद सिलक्यारा हादसे को लेकर जिक्र किया। चमत्कारी उपलब्धि के एक साल बाद, डिक्स ने कबूल किया कि लोगों को सफलतापूर्वक बचाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है, उनकी तकनीकी विशेषज्ञता से ज़्यादा विश्वास पर आधारित था।
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चारधाम सड़क परियोजना में यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन 4.5 किमी लंबी सिलक्यारा पोलगांव सुरंग में गत वर्ष दीपावली के दिन 12 नवंबर को तड़के 4-5 बजे उस समय भूस्खलन वाला हादसा हुआ था, जब श्रमिक रात की शिफ्ट खत्म कर दिवाली के दिन बाहर आने वाले थे। भूस्खलन के कारण सुरंग का मुंह बंद होने से 41 श्रमिक अंदर फंस गए थे।