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CM का आदेश ताक पर रख सिडकुल में खेल!

Fri, 19 Sep 2014 09:27 AM IST
अजित सिंह राठी/अमर उजाला, देहरादून
अजित सिंह राठी/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 19 Sep 2014 09:27 AM IST
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sidkul officer not acting on chief minister order.

सितारगंज सिडकुल-2 में इलेक्ट्रिकल वर्क्स को लेकर हुई गड़बड़ी के बाद भी अफसरों में भय नहीं दिखता। पांच महीने से सिडकुल के अफसर सीएम का आदेश दबाए बैठे हैं।

सिडकुल-2 के इस प्रोजेक्ट का यह काम करीब सौ करोड़ रुपए बढ़ाकर यूपीआरएनएन को दिए जाने के बाद अक्टूबर 2013 की बोर्ड बैठक में विवाद होने से रुक गया था, लेकिन एक बार फिर वही कोशिश हो रही है।  

यह गेम ओवरहैड और अंडरग्राउंड का है। सिडकुल के अफसर चाहते थे कि सितारगंज सिडकुल-2 में बिजली का काम अंडरग्राउंड हो, लेकिन भूजल स्तर बहुत ऊपर होने से दिक्कत हो सकती है। लेकिन यूपीआरएनएन ने इस कार्य की 130 करोड़ की डीपीआर दी।

सीमेंस, हैवल्स व यूपीसीएल ने संयुक्त रूप से इस काम को 80 करोड़ करने को कहा। मगर, यूपीसीएल का यह प्रस्ताव भी था कि सारा काम ओवरहैड किया जाए तो 22 करोड़ खर्च होंगे। मगर यूपीआरएनएन को इस कार्य की 118.78 करोड़ की वित्तीय व प्रशानिक स्वीकृति देकर यह प्रस्ताव 21 अक्टूबर 2013 की सिडकुल बोर्ड बैठक में रखा गया। लेकिन निदेशक की हैसियत से तत्कालीन प्रमुख सचिव ऊर्जा बीपी पांडे ने अड़ंगा लगाकर यूपीसीएल को देने की की बात कही।

विवाद बढ़ा तो तत्कालीन एमडी शैलेश बगोली ने 15.5.2014 को यह पत्रावली सीएम हरीश रावत के समक्ष प्रस्तुत की। सीएम ने फाइल पर लिखा कि यूपीसीएल को कार्यदायी संस्था बनाया जाए, क्योंकि यह राज्य सरकार की कंपनी है। लेकिन इस आदेश का पालन करने से बचने के लिए बोर्ड बैठक को टाला जा रहा है। साथ ही मामले को लंबा खींचकर पुन: यूपीआरएनएन को दिए जाने की प्रयास हो रहा है।

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सिडकुल-2 में चल रहे काले कारनामे का खेल

sidkul officer not acting on chief minister order.

: 50 कॉम्पैक्ट सब स्टेशन बनने थे। यूपीआरएनएन ने एक स्टेशन के लिए 3445700 रुपए का रेट दिया और सीमेंस कंपनी ने टैक्स समेत एक स्टेशन के लिए 1608714 रुपए बताए। दोनों के रेट में नौं करोड़ रुपए का अंतर था।
: 195 रनिंग मैन यूनिट्स स्थापित होनी थी। एक यूनिट केलिए यूपीआरएनएन ने 535915 रुपए का रेट दिया और सीमेंस ने टैक्स समेत 329555 रुपए की दर प्रस्तुत की। दोनों का अंतर करीब चार करोड़ है।
: 11केवी के 1000 मीटर केबल खरीद के लिए यूपीआरएनएन ने 4621 रु. प्रति मीटर की दर दी और हैवल्स ने 1712 रु. प्रतिमीटर का रेट दिया। दोनों के रेट से कुल खरीद में तीन करोड़ का अंतर है।

: 11केवी के ही दूसरी श्रेणी के 25000 मीटर केबल की खरीद के लिए यूपीआरएनएन ने 3809 रु. प्रति मी. का रेट दिया लेकिन हैवल्स ने 1127 रु. प्रति मी. की दर पेश की। दोनों की खरीद में करीब सात करोड़ का अंतर है।
: 33केवी के 6000 मी. केबल के लिए यूपीआरएनएन ने 5615 रु. प्रति.मी. व हैवल्स ने 2061 रु.प्रति मी. का रेट दिया। दोनों के खरीद मूल्य का अंतर करीब दो करोड़ रुपए है।
: 33केवी के तीन गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन बनाने के लिए यूपीआरएनएन ने एक के लिए 12.91 करोड़ और यूपीसीएल ने नौं करोड़ की लागत दर प्रस्तुत की। दोनों में करीब 12 करोड़ का अंतर है।

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