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सिडकुल घोटाला : अधिकारियों को मिला था 12 प्रतिशत कमीशन, एसआईटी और तकनीकी कमेटी की जांच में खुलासा
Mon, 03 May 2021 09:56 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
दीप चंद्र बेलवाल, अमर उजाला, रुद्रपुर
दीप चंद्र बेलवाल, अमर उजाला, रुद्रपुर
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 03 May 2021 09:56 AM IST
सार
एसआईटी और तकनीकी कमेटी की जांच में यह खुलासा हुआ है। कमीशन लेने वाले अधिकारियों के नाम उजागर किए बिना टीम ने इनके खिलाफ गोपनीय जांच शुरू कर दी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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विस्तार
सिडकुल के निर्माण कार्य में अधिकारियों ने कमीशन का खेल खेला था। यूपी की निर्माण इकाई को काम देने के एवज में 12 प्रतिशत कमीशन अधिकारियों को देने की बात सामने आई है। एसआईटी और तकनीकी कमेटी की जांच में यह खुलासा हुआ है। कमीशन लेने वाले अधिकारियों के नाम उजागर किए बिना टीम ने इनके खिलाफ गोपनीय जांच शुरू कर दी है।
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वर्ष 2012 से 2017 तक पंतनगर सिडकुल में बनाए गए सिटी पार्क में यूपी निर्माण निगम की ओर से कई निर्माण कार्य किए गए थे। सरकार की ओर से कराए गए ऑडिट में निर्माण कार्यों के साथ ही कर्मचारियों की नियुक्ति और वेतन निर्धारण में अनियमितताएं मिलीं थीं। जांच के लिए शासन के आदेश पर एसआईटी का गठन कर दिया गया था।
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एसआईटी को सिडकुल में स्थापित सिटी पार्क की जांच में पार्क के मुख्य द्वार, शौचालय, फव्वारे, सीसी मार्ग व चहारदीवारी निर्माण में वित्तीय अनियमितताएं मिली थीं। इसके अलावा काशीपुर एस्कार्ट फार्म स्थित सिडकुल इंडस्ट्रियल एरिया में विभिन्न सेक्टरों को जाने वाली सड़कों के किनारे बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाए स्ट्रांग वाटर ड्रेन में भी वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुईं।
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इसी तरह सितारगंज सिडकुल में यूपी निर्माण निगम ने सड़क, वाटर टैंक व नालियों का निर्माण किया था। इसके लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये का खर्च दिखाया गया था। दस्तावेज और निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन करने पर अनियमितता सामने आ गई थी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता को परखने के लिए तकनीकी कमेटी बनाई गई।
एसआईटी और तकनीकी दोनों टीमों ने निर्माण कार्य की जांच शुरू कर दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि यूपी निर्माण निगम को काम देने की एवज में अधिकारियों ने 12 प्रतिशत कमीशन लिया। सीसी मार्ग, चहारदीवारी, पार्क का मुख्य द्वार बनाने में गुणवत्ता में भी कमी पाई गई है। इन्हीं कामों के लिए कमीशन सबसे अधिक लिया।
112 फाइलों की होनी है जांच
सिडकुल घोटाले की जांच को लेकर एसआईटी ने 112 फाइलें बनाई हैं। एसआईटी सूत्रों के अनुसार अब तक 24 फाइलों की जांच पूरी कर ली गई है। लोनिवि व जल संस्थान की तकनीकी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बनाकर एसआईटी को सौंप दी थी। इसके बाद इन सभी फाइलों को पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है। तकनीकी जांच में निर्माण कार्यों में अनियमितताएं मिली हैं। (संवाद)
यूपी निर्माण इकाई के कर्मचारियों से होगी पूछताछ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सिडकुल घोटाले की जांच को इसी साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर यूपी निर्माण इकाई पर कार्रवाई होना तय है। दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करने व अन्य मामलों की जानकारी के लिए यूपी निर्माण इकाई कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। (संवाद)
सिडकुल घोटाले में 112 फाइलों की जांच शुरू हो गई है। तकनीकी कमेटी के साथ मिलकर एसआईटी रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट बनाकर पुलिस मुख्यालय भेजी जा रही है। एसआईटी सभी कोणों पर काम कर रही है। काम के दौरान कुछ अधिकारियों के 10 से 12 प्रतिशत कमीशन लेने की बात सामने आ रही है। इसकी भी गहराई से जांच हो रही है।
- डीएस कुंवर, एसएसपी