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मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भूले शिंदे का निर्देश
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 08 Oct 2013 03:56 PM IST
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केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए आदेशों के बावजूद अर्द्धसैनिक बलों से रिटायर उत्तराखंड के जवान और उनके आश्रित आज योजनाओं से वंचित हैं। देहरादून पहुंचे गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने जब मुख्यमंत्री से इसके बारे में पूछा तो वह अनजान दिखे।
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मंत्रालय ने नवंबर 2012 में रिटायर जवानों और उनके आश्रितों को एक्स सेंट्रल फोर्सेज पर्सनल का लाभ देने के लिखित आदेश दिए थे। गृह मंत्रालय ने अपने पत्र में लिखा था कि राज्य सरकार अपने स्तर पर पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए जो योजनाएं चला रही हैं उसमें अर्द्धसैनिक बलों के रिटायर जवानों सहित उनके आश्रितों को हिस्सेदारी दे सकती है।
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शिंदे ने दिए मौखिक आदेश
यह राज्य को तय करना होगा कि उन्हें हिस्सेदारी कैसे दी जा सकती है। जब सोमवार को डोईवाला में गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से इस संबंध में पूछा तो वह अनजान दिखे। आखिरकार शिंदे को मंच से कहना पड़ा कि लिखित आदेश भेजे थे, अब योजना लागू करने का मौखिक आदेश भी दे रहा हूं।
कैसे लागू हो योजना स्पष्ट नहीं
अर्द्धसैनिक बलों से रिटायर जवानों की खासी तादात को देखते हुए उन्हें भी सेना के पूर्व सैनिकों की कल्याणकारी योजनाओं में भागीदारी देने का केंद्र ने वर्ष 2012 में फैसला लिया था। तब गृह मंत्रालय ने एक्स सेंट्रल फोर्सेज पर्सनल लागू करने के लिए 12 नवंबर को सभी राज्यों को पत्र भेज दिया था।
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गृह विभाग ने पत्र को सैनिक कल्याण विभाग को भेज दिया जहां से 24 अप्रैल 2013 को सैनिक कल्याण निदेशालय को जारी पत्र में यह उल्लेख किया है कि गृह मंत्रालय के आदेशों का अनुपालन किया जाए। शासन से मिले पत्र में गृह मंत्रालय का आया पत्र भी संलग्न है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया है कि आखिर इसे लागू कैसे किया जाए।