फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   shortage of drivers and conductors in the roadways

Dehradun News: रोडवेज में चालक-परिचालकों का टोटा, बेड़े में खड़ी हैं बसें

Wed, 19 Jun 2024 01:18 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jun 2024 01:18 AM IST
विज्ञापन
shortage of drivers and conductors in the roadways

विज्ञापन
IIविभाग की 26 और 16 अनुबंधित बसें हैं रुड़की में , नियमित चालक आठ व परिचालक हैं 22
I
I
I
Iरुड़की रोडवेज बस स्टैंड इस समय चालक और परिचालकों की कमी से जूझ रहा है। इसके चलते कई बसें बेड़े में ही खड़ी रहती हैं। ऐसे में यात्रियों को समय पर बसें नहीं मिल पा रही हैं।
I
Iरुड़की रोडवेज बस अड्डे में इस समय विभाग की 22 और अनुबंधित 16 बसें हैं। रुड़की में यात्रियों की संख्या के हिसाब से इन बसों की संख्या बेहद कम है। ऊपर से इनमें से कुछ बसें बेड़े से बाहर ही नहीं निकलती हैं। इसकी मुख्य वजह रोडवेज में चालक और परिचालकों की संख्या बसों की संख्या के मुकाबले बेहद कम होना है। इस समय रोडवेज में नियमित चालक आठ और 22 परिचालक हैं। इसके अलावा विशेष श्रेणी के 22 चालक-परिचालक हैं।
विज्ञापन

I
I
I
Iवहीं, 16 अनुबंधित बसों के साथ निगम को 14 चालक-परिचालक मिले हुए हैं। ऐसे में कुल मिलाकर डिपो में 66 चालक-परिचालक हैं जबकि 38 बसों को नियमित चलाने के लिए ही कम से कम 80 चालक-परिचालकों की जरूरत है। इस स्थिति में लंबी दूरी जैसे दिल्ली-चंडीगढ़ या हरियाणा का एक चक्कर लगाने के बाद चालक-परिचालक दूसरी बस पर नहीं जा सकता है। चालक और परिचालकों के अभाव में लंबी दूरी तय करके आने वाली बस को मजबूरी में अगले दिन तक बेड़े में ही खड़ा रखना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

I
Iहर दिन हो रहा लाखों का नुकसान
I
I
I
Iचालक और परिचालकों की कमी के चलते छह से आठ बसेें आए दिन डिपो में ही खड़ी रहती हैं। इस समय यात्रा सीजन चल रहा है, इसके बावजूद डिपो चाहकर भी बसों का संचालन नहीं कर पा रहा है। उधर हाल ही में शुरू हुई श्री खाटू श्याम दरबार के लिए बस को नियमित चलाने पर विभाग का पूरा फोकस है। इस बस के लिए पहले से ही चार चालक और परिचालकों को रिजर्व में रखना पड़ता है। इस स्थिति में बसों के बेड़े में खड़े रहने से आए दिन निगम को लाखों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। स्थानीय अधिकारी कई बार डिपो में नियमित नहीं तो संविदा या विशेष श्रेणी के चालकों व परिचालकों को रखने की मांग कर चुके हैं।

I
Iरोडवेज में इस समय बसों की संख्या के मुकाबले चालक और परिचालकों की संख्या कम है। डिपो में चालक और परिचालकों के पद निर्धारित नहीं होते हैं। चालक-परिचालक बसों की संख्या के अनुसार ही बढ़ाए जाते हैं। मुख्यालय को चालकों और परिचालकों की समस्या से अवगत कराया गया है।
I
I

I
- सुरेश चंद चौहान, प्रभारी एआरएम, रुड़की डिपोI
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article