कर्मचारियों से हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम कराया, तो भरना होगा मोटा जुर्माना
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केंद्र की तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी कर्मचारी हफ्ते में सिर्फ 48 घंटे ही काम करेंगे। करेंगे कोई भी प्रतिष्टान या दुकान इससे ज्यादा समय उनसे काम कराएगी तो इसके लिए उनके मोटा जुर्माना वसूला जाएगा।
प्रदेश में भी संशोधित शॉप्स एंड स्टैब्लिसमेंट कानून लागू होगा। कानून के लागू होने की स्थिति में श्रमिकों को उनके परिश्रम का सही दाम मिलेगा और वह सप्ताह में सिर्फ 48 घंटे काम करेंगे।
यह कानून उन दुकानों और प्रतिष्ठानों पर लागू होगा जहां काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या दस से अधिक है। कानून में महिला श्रमिकों की भर्ती, प्रशिक्षण, स्थानांतरण और प्रमोशन में किसी तरह का भेदभाव नहीं किए जाने का प्रावधान किया गया है।
कानून का उल्लंघन करने की स्थिति में दो लाख रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों को कानूनी रूप देने के लिए विधानसभा में बिल लाया जाएगा। बिल का ड्राफ्ट श्रम एवं नियोजन विभाग ने तैयार कर लिया है, जिसे 26 जुलाई को होने वाली कैबिनेट की बैठक में रखा जा सकता है।
केंद्र सरकार ने 29 जून 2016 को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में शॉप्स एंड स्टैब्लिसमेंट बिल-2016 पर चर्चा के दौरान यह फैसला लिया कि इस बिल को राज्यों के पास भेजा जाएगा।
राज्य सरकारों को इस बिल में आवश्यकतानुसार संशोधन कर लागू करने का अधिकार दिया गया है। केंद्र के निर्देश पर प्रदेश में इस बिल का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है।
शॉप्स एंड स्टैब्लिसमेंट बिल-2016 में क्या है खास
उत्तराखंड शॉप्स एंड स्टैब्लिसमेंट बिल-2016 के अधिकांश प्रावधान वहीं है जो केंद्र सरकार ने तैयार किया है। जानकारी के मुताबिक बिल के ड्राफ्ट को 26 जुलाई होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में चर्चा के लिए रखा जाएगा।
कैबिनेट के निर्देश पर इसमें कुछ बदलाव भी किया जा सकता है। बाद में ड्राफ्ट को विधानसभा के आगामी सत्र में रखा जाएगा। विधानसभा से पास होने के बाद प्रदेश में शॉप्स एंड स्टैब्लिसमेंट कानून को लागू कर दिया जाएगा। राज्य में अभी उत्तराखंड शॉप्स एंड स्टैब्लिसमेंट कानून-2001 लागू है।
शॉप्स एंड स्टैब्लिसमेंट बिल-2016 में क्या है खास
-मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों को छोड़कर दस या उससे अधिक कर्मचारियों वाले दुकान प्रतिष्ठान होंगे कवर।
-महिला श्रमिकों से कार्य स्थल पर किसी तरह का भेदभाव नहीं करने का किया गया है प्रावधान।
-महिला श्रमिकों से रात नौ बजे से सुबह छह बजे के बीच नहीं किया जा सकेगा कार्य।
-कार्य स्थल पर महिला श्रमिकों के लिए क्रेच का भी किया गया है प्रावधान।
-श्रमिकों को 18 दिन का अर्जित अवकाश, आठ दिन का आकस्मिक अवकाश, सप्ताहिक अवकाश और पांच त्योहारों पर अवकाश का है प्रावधान।
-श्रमिकों के लिए सप्ताह में 48 घंटे काम करने का किया गया प्रावधान।
केंद्र सरकार ने शॉप्स एंड स्टैब्लिसमेंट कानून का संशोधित प्रारूप भेजा है। उस संशोधन के मुताबिक हम इस कानून को यहां भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।
-आनन्द श्रीवास्तव, श्रमायुक्त, उत्तराखंड