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इस बार दो दिन मनाई जाएगी शिवरात्रि
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 17 Feb 2017 11:52 AM IST
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devotees rush in sawan shivratri
- फोटो : file photo
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महाशिवरात्रि पर्व को लेकर इस बार असमंजस बना हुआ है। चतुर्दशी तिथि दो दिन होने की वजह से अधिकतर मंदिरों में 24 और 25 फरवरी दोनों ही दिन भोले बाबा की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। वहीं ज्योतिषों के अनुसार महाशिवरात्रि का पर्व 24 फरवरी को ही मनाना सही रहेगा। पर्व के लिए मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार 24 फरवरी को को चतुर्दशी तिथि निशीथ व्यापिनी है। 24 फरवरी को रात 9.30 बजे चतुर्दशी तिथि का आरंभ होगा। जो कि 25 फरवरी को रात 9.10 बजे तक रहेगी। 24 को निशीथ काल रात 12.10 बजे से रात 1.03 बजे तक रहेगा।
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डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार श्रवण नक्षत्र शिवजी को प्रिय है। बताया कि करीब तीस वर्ष पूर्व भी इसी तरह का संयोग बना था। निशिथ व्यापिनी चतुर्दशी तिथि को श्री महाशिवरात्रि का व्रत किया जाता है। 24 फरवरी को चतुर्दशी तिथि निशिथ व्यापिनी है। आचार्य शिव प्रसाद ममगाई के अनुसार सालभर में पड़ने वाली 12 शिव रात्रियों में से फाल्गुन की शिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। दो दिन चतुर्दशी तिथि होने की वजह से 24 और 25 दो दिनों तक मंदिरों महाशिवरात्रि पर्व मनाया जा रहा है।
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ऐसे करें पूजन
चतुर्दशी तिथि पर रात को चारों प्रहर में भगवान शंकर की पूजा 108 नाम मंत्रों से करें। रुद्राष्टाध्यायी का पाठ करना भी शुभ है। बेलपत्र, भांग-धतूरा, आक शिव जी को चढ़ाएं। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, गन्ने का रस, जड़ी-बूटियों के रस से भगवान का अभिषेक करें। इस वर्ष शनि का धनु राशि पर भ्रमण एवं शुक्र का उच्च राशि पर भ्रमण होने के साथ ही शुक्रवार को शिव रात्रि है। शुक्र के गुरु की राशि से दृष्टि होने से समसप्तक योग बनना भी शुभप्रद माना जा रहा है।
कहां-क्या खास
टपकेश्वर मंदिर
टपकेश्वर मंदिर में इस बार तीन दिन तक शिवरात्रि की धूम नजर आएगी। मंदिर में 23 की रात्रि से जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। 24 फरवरी को मुख्य आयोजन होगा जो कि 25 फरवरी की दोपहर तक चलता रहेगा। मंदिर के महंत कृष्णा गिरी ने बताया कि 24 फरवरी को भांग, धतूरे से भोले बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। बाबा की विशेष आरती होगी। 25 फरवरी को भी बाबा का विशेष पूजन आदि किया जाएगा।
श्री नागेश्वर मंदिर
गढ़ी-डाकरा स्थित श्री नागेश्वर मंदिर में तीन दिनों तक प्रभात फेरी निकाली जाएगी। मंदिर के महंत विश्वनाथ योगी ने बताया कि 22 फरवरी से सुबह चार बजे मंदिर से फेरी की शुरुआत होगी। बताया कि शिव रात्रि के लिए मंदिर में साफ-सफाई, पुताई शुरू करा दी गई है। मंदिर में 24 और 25 दोनों ही दिन शिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है।
श्री पृथ्वी नाथ मंदिर
सहारनपुर चौक स्थित श्री पृथ्वीनाथ मंदिर में 24 फरवरी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। मंदिर के सेवादार संजय गर्ग ने बताया कि 19 फरवरी को मंदिर की टोली गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार जाएगी। इस मौके पर 2100 दीयों की रंगोली सजाई जाएगी। इसके साथ ही भजन-कीर्तन किए जाएंगे। बाबा का हरिद्वार से लाए गंगाजल से विशेष अभिषेक होगा।
श्री सिद्धेश्वर मंदिर
केदारपुर स्थित श्री सिद्धेश्वर मंदिर में 24 फरवरी को विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। मंदिर के पुजारी संजय खंकरियाल ने बताया कि 23 की रात्रि से मंदिर में शिव भगवान का जलाभिषेक होना शुरू हो जाएगा। जो कि 24 फरवरी को दिनभर चलेगा। बताया कि 25 फरवरी को भी दोपहर तक पर्व मनेगा। बताया कि मंदिर के पास शिवरात्रि के लिए मेला लगेगा।
प्राचीन शिव मंदिर
माल देवता स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भी 24 और 25 फरवरी को शिवरात्रि की धूम रहेगी। इन दिनों मंदिर में पुताई चल रही है। मंदिर से जुड़े सेवादार आनंद ने बताया कि मंदिर बेहद प्राचीन है। महा शिवरात्रि पर भोले बाबा का विशेष जलाभिषेक होगा। बताया कि मंदिर की पुरानी मान्यता है। यही वजह है कि शिवरात्रि पर दूर-दूर से श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं।
देवेश्वर महादेव मंदिर
टपकेश्वर परिसर स्थित देवेश्वर महादेव मंदिर में भी विशेष तैयारियां हैं। मंदिर के पुजारी अजीत गिरी महाराज ने बताया कि शिवरात्रि का पर्व 24 फरवरी को मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में मंदिर को विशेष रूप से घंटियों से सजाया जाएगा। इसके साथ ही सुबह-शाम विशेष आरती होगी। ऊं नम: शिवाय मंत्रका जाप किया जाएगा।
यहां भी खास
गीता भवन, श्री राधा कृष्ण मंदिर, श्री श्याम सुंदर मंदिर, श्री वैष्णों दुर्गा मंदिर आदि में भी शिवरात्रि के मौके पर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। सुबह से शाम तक श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे। मंत्रों का जाप किया जाएगा। 24 और 25 फरवरी दोनों ही दिन बाबा की विशेष पूजा-अर्चना होगी।