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आखिर बरी हुए खंडूड़ी की हार के गुनाहगार
अजित सिंह राठी/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 07 Mar 2014 01:06 AM IST
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2012 के विधानसभा चुनावी समर में कोटद्वार सीट से बीसी खंडूड़ी की हार के गुनाहगार शैलेंद्र रावत गुरुवार को आरोपमुक्त हुए। यह वापसी कम रौचक नहीं है लेकिन लोस चुनाव से ठीक पहले रावत की घर वापसी एक डर को दूर करने का संकेत देती है।
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ऐसे में जब लगभग तय है कि पौड़ी संसदीय सीट से इस बार बीसी खंडूड़ी ही पार्टी उम्मीदवार होंगे, तब इस राय को और बल मिल जाता है।
खंडूरी के लिए चढ़े थे बलि
शैलेंद्र रावत कोटद्वार से भाजपा के सीटिंग विधायक थे लेकिन पिछले विस चुनाव में उनके स्थान पर बीसी खंडूड़ी को टिकट दिया गया। खंडूड़ी उस समय मुख्यमंत्री थे।
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रावत उस समय बहुत गिड़गिड़ाएं, समर्थकों ने खूब धमाचौकड़ी की लेकिन टिकट नहीं मिला। लेकिन चुनाव का नतीजा सुखद नहीं रहा और खंडूड़ी चुनाव हार गए। हार भी ऐसी थी जिसमें जीत होते होते रह गई। क्योंकि कांग्रेस के विधायकों की संख्या भाजपा के मात्र एक ज्यादा थी।
रावत को माना गया हार का जिम्मेदार
यह तय था कि यदि जनरल अपनी सीट जीत गए होते तो आज मुख्यमंत्री भी वही होते। और, जनरल की हार का जिम्मेदार शैलेंद्र रावत को माना गया। कई तरह की रिपोर्ट आई और कहा गया कि रावत ने चुनाव में जनरल के खिलाफ काम किया।
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इसी गुनाह के लिए शैलेंद्र को पार्टी से निष्काषित कर दिया गया। इस कठोर फैसले के सामने शैलेंद्र के पैरोकार खामोश रहे। लेकिन आज उनके लिए पार्टी के भीतर और बाहर तमाम जमानतदार थे।
इसलिए हुई वापसी
सूत्र बताते हैं कि यदि खंडू़ड़ी का पौड़ी सीट से चुनाव लड़ने का इरादा नहीं होता तो शायद शैलेंद्र की वापसी में और समय लग सकता था।
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पौड़ी लोकसभा सीट पर कोटद्वार की पुनरावृति ना हो इसलिए कील कांटे दुरुस्त करने के क्रम में शैलेंद्र की घर वापसी हुई। इसी डर को दूर करने की शुरूआत शैलेंद्र रावत को भाजपा में लाने केसाथ ही हुई।
अब इनके लिए बढ़ेगा दबाव
पिछले विधानसभा चुनाव पार्टी से बाहर निकाले गए नेताओं की सूची भाजपा में काफी लंबी है। शैलेंद्र रावत की वापसी के बाद अब दबाव बढ़ेगा। क्योंकि यह मामला काफी दिन से लंबित था।
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कर्णप्रयाग से विधायक रह चुके अनिल नौटियाल, कुमाऊं से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पूरण चंद शर्मा के भाई कैलाश शर्मा, सहसपुर से पूर्व विधायक राजकुमार समेत कई नेता ऐसे हैं जिन्हें पार्टी में लाने के लिए एक खेमा काफी दिनों से सक्रिय है।