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देश के नामी स्कूल में रैगिंग के नाम यौन शोषण, स्कूल की हालत के बारे में जानकर चौक जाएंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 22 May 2018 09:05 AM IST
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- फोटो : डेमो फोटो
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मसूरी स्थित देश के एक नामी स्कूल में कथित रैगिंग और यौन शोषण का मामला सामने आया है। बता दें कि रैगिंग से परेशान होकर कुछ छात्राएं स्कूल से भाग गई थीं।
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इस मामले में अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। मामले में महिला एवं बाल आयोग की रिपोर्ट को आधार बनाकर जांच शुरू कर दी गई है। आयोग ने अपनी जांच में कई चौंकाने वाली बातों का उल्लेख किया है। अपर पुलिस महानिदेशक ने जांच रिपोर्ट को दो महीने के भीतर सौंपने के निर्देश दिए हैं।
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गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले मसूरी के एक स्कूल से चार छात्राएं अचानक लापता हो गईं थी। लापता होने के अगले दिन छात्राएं गाजियाबाद में मिली थीं। छात्राओं से बातचीत के आधार पर पता चला कि वे स्कूल में सीनियर छात्राओं की रैगिंग और समलैंगिक यौन शोषण से परेशान होकर खुद स्कूल से चली गईं थी। मामला सामने आने के बाद इसकी शिकायत महिला एवं बाल आयोग को की गई।
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आयोग ने जांच में छात्राओं के आरोपों को काफी हद तक सही पाया और पुलिस मुख्यालय को इससे अवगत कराया। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कई ऐसे चौंकाने वाले तथ्यों का उल्लेख किया जिनसे छात्राओं के आरोपों की पुष्टि हो रही है। सोमवार को अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने इस मामले में जांच बैठा दी है। पुलिस उपाधीक्षक जया बलूनी मामले की जांच करेंगी। उन्हें दो महीने के भीतर रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
चार छात्राएं स्कूल से भागकर अपने-अपने घर जा पहुंचीं
स्कूल में रैगिंग
- फोटो : demo pic.
यह मामला तब सामने आया जब बोर्डिंग स्कूल में चार छात्राएं स्कूल से भागकर अपने-अपने घर जा पहुंचीं। बता दें कि यह एक ऐसे इलीट बोर्डिंग स्कूल का मामला है, जहां एनआरआई के बच्चे भी पढ़ते हैं। घटना बीते 6 मई की है, जब चार छात्राएं स्कूल से भागकर अपने-अपने घर जा पहुंचीं और अपने-अपने परिजनों को स्कूल में अपने साथ हुई आपबीती सुनाई।
इनमें से एक छात्रा के माता-पिता ने उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग से इसकी शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद आयोग ने राज्य के शिक्षा मंत्रालय और पुलिस को तत्काल इस गंभीर मामले की जांच कराए जाने का आदेश था।
शिकायत करने वाले परिजनों का कहना है कि पीड़ित छात्राओं में से एक छात्रा तो खुदकुशी तक का मन बना चुकी थी और सुसाइड नोट भी लिख चुकी थी। शिकायतकर्ता परिजनों का कहना है कि स्कूल को बोर्डिंग में बाथरूम में दरवाजे तक नहीं है, सिर्फ पर्दे लटके हुए हैं।
इनमें से एक छात्रा के माता-पिता ने उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग से इसकी शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद आयोग ने राज्य के शिक्षा मंत्रालय और पुलिस को तत्काल इस गंभीर मामले की जांच कराए जाने का आदेश था।
शिकायत करने वाले परिजनों का कहना है कि पीड़ित छात्राओं में से एक छात्रा तो खुदकुशी तक का मन बना चुकी थी और सुसाइड नोट भी लिख चुकी थी। शिकायतकर्ता परिजनों का कहना है कि स्कूल को बोर्डिंग में बाथरूम में दरवाजे तक नहीं है, सिर्फ पर्दे लटके हुए हैं।